डीजीपी को कोर्ट में पेश होने के आदेश, 19 जनवरी को अगली सुनवाई
चंडीगढ़: ऑनलाइन जॉब फ्रॉड से जुड़े एक साइबर ठगी मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। सुनवाई के दौरान अदालत उस समय हैरान रह गई, जब सरकारी वकील ने स्पष्ट रूप से कहा कि संबंधित मामले में पुलिस ने अब तक न तो कोई ठोस जानकारी उपलब्ध कराई है और न ही कोई रिपोर्ट अदालत में पेश की गई है।
इस पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे प्रशासनिक तंत्र की गंभीर विफलता करार दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि इस तरह की लापरवाही न केवल न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालती है, बल्कि कानून के शासन पर भी सवाल खड़े करती है। हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए इस स्थिति को “अस्पष्ट और अस्वीकार्य” बताया।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी को स्वयं अदालत में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मामले की अगली सुनवाई की तारीख 19 जनवरी 2026 तय की गई है।
यह आदेश ऑनलाइन जॉब फ्रॉड के आरोपी विजय कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया। आरोप है कि विजय कुमार ने पार्ट-टाइम जॉब और यूट्यूब वीडियो लाइक करने के नाम पर एक महिला से करीब 10.99 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस ने आरोपी को मई 2025 में हिरासत में लिया था, लेकिन इसके बावजूद जांच और अदालत में रिपोर्टिंग को लेकर गंभीर खामियां सामने आई हैं।
हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली और साइबर ठगी मामलों में जांच की गंभीरता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।










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