वीकेंड रेस्क्यू ड्राइव में 31 बच्चे सुरक्षित, 27 बाल गृहों में भेजे गए
भीख मंगवाने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
रेस्क्यू से पुनर्वास तक, शिक्षा और स्वास्थ्य से जोड़े जा रहे बच्चे
सड़क पर भीख मांगता बच्चा दिखे तो तुरंत 1098 पर दें सूचना
चंडीगढ़, 18 जनवरी। मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य से बाल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। बच्चों से भीख मंगवाने के खिलाफ सरकार द्वारा सख्त और परिणामोन्मुखी कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्यभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीते दो दिनों में सभी जिलों के हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी की गई। इस दौरान कुल 31 भीख मांगते बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इनमें से 4 बच्चों को आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बाद बाल कल्याण समिति द्वारा मौके पर ही उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि 27 बच्चों को अस्थायी रूप से बाल गृहों में भेजा गया है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन बच्चों के पुनर्वास को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट जीवनज्योत 2.0 के तहत अब तक राज्य में कुल 1023 बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया जा चुका है। इनमें से 38 बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिया गया है, 349 बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराया गया है, 9 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ा गया है, जबकि 13 बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि बाल गृहों में रह रहे बच्चों को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि उन्हें एक सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके। इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और राज्य में बाल भिक्षावृत्ति की घटनाओं में लगातार कमी दर्ज की जा रही है।
डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति बच्चों को भीख मांगने के लिए मजबूर करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि बच्चों को दान देने के बजाय संबंधित एजेंसियों को सूचना दें। यदि कहीं कोई बच्चा सड़क पर भीख मांगता दिखाई दे, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, अपने जिले की बाल कल्याण समिति या संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।











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