फरीदाबाद: जिले की नगर निगम बैठक उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब पार्षदों ने डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया। बैठक की अध्यक्षता मेयर प्रवीण जोशी बत्रा कर रहे थे। बैठक में 46 वार्डों के सभी पार्षदों के साथ-साथ फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) के अधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक शुरू होते ही डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर पार्षदों ने आवाज उठाई। इसी मुद्दे पर सदन दो गुटों में बंट गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक और शोर-शराबा शुरू हो गया।
मीडिया को सदन से बाहर निकाला गया
हंगामा बढ़ने पर मीडिया कर्मियों ने पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद करना शुरू किया। इस पर सदन की ओर से मीडिया को बैठक से बाहर जाने के निर्देश दे दिए गए। इसके बावजूद पार्षदों के बीच आपसी तकरार जारी रही और बैठक का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो सका।
विकास कार्यों पर चर्चा रह गई अधूरी
नगर निगम बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर के विकास कार्यों को गति देना था। एजेंडे में सफाई व्यवस्था, आवारा पशुओं पर नियंत्रण, श्मशान घाटों का निर्माण, सरकारी स्कूलों के भवन निर्माण सहित कई अहम मुद्दे शामिल थे। इन विषयों पर चर्चा के लिए अधिकारियों को विशेष रूप से बुलाया गया था, लेकिन हंगामे के चलते इन पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी।
महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर नहीं बन पाई सहमति
बैठक में निगम की ओर से कई अहम प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें 12 एकड़ भूमि पर ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना, पल्ला क्षेत्र में 50 बेड का अस्पताल, गाजीपुर गांव में 5 एकड़ भूमि पर बूस्टर निर्माण और कॉलोनियों में पानी की समस्या के समाधान से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे। हालांकि पार्षदों के आपसी विरोध और सहमति न बनने के कारण इन प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो पाई।
पहले भी हो चुकी है हंगामेदार बैठक
यह पहला मौका नहीं है जब नगर निगम की बैठक बिना नतीजे के खत्म हुई हो। इससे पहले अगस्त 2025 में हुई बैठक भी हंगामे की वजह से किसी ठोस निर्णय तक नहीं पहुंच सकी थी। इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही रहे।
मेयर का बयान
मेयर प्रवीण बत्रा ने कहा कि, “सदन की बैठक का उद्देश्य पार्षदों द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर चर्चा कर समाधान निकालना है। सभी वार्डों से प्रस्ताव लिए गए हैं और अधिकारियों को इसलिए बुलाया गया है ताकि जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली जा सके।”
डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव अब भी लंबित
नगर निगम चुनाव को 10 महीने से अधिक समय बीत चुका है। सदन में बीजेपी के पार्षद बहुमत में होने के बावजूद अब तक डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं हो पाया है। यही मुद्दा लगातार बैठकों में टकराव और गतिरोध की वजह बन रहा है।











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