21 जनवरी 2026, बुधवार: शिव–गौरी की कृपा वाली तिथि, आध्यात्मिक कार्यों के लिए उत्तम
आज बुधवार, 21 जनवरी 2026 को माघ महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। पंचांग के अनुसार यह तिथि भगवान शिव और माता गौरी देवी द्वारा नियंत्रित मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को गृह प्रवेश, गृह निर्माण, कला एवं सृजनात्मक कार्यों के लिए शुभ बताया गया है। हालांकि, विवाद, झगड़े और मुकदमेबाजी के मामलों के लिए यह तिथि अशुभ मानी जाती है, इसलिए ऐसे कार्यों से दूरी बनाए रखना ही श्रेयस्कर रहेगा।
21 जनवरी 2026 का पंचांग विवरण
विक्रम संवत: 2082
मास: माघ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: तृतीया
दिन: बुधवार
योग: व्यतिपात
नक्षत्र: धनिष्ठा
करण: तैतिल
चंद्र राशि: कुंभ
सूर्य राशि: मकर
सूर्योदय: सुबह 07:15 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:50 बजे
चंद्रोदय: सुबह 08:51 बजे
चंद्रास्त: रात 08:20 बजे
राहुकाल: 12:32 से 13:52 बजे
यमगंड: 08:34 से 09:54 बजे
धनिष्ठा नक्षत्र: आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ
आज के दिन चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं और धनिष्ठा नक्षत्र में विराजमान हैं। यह नक्षत्र मकर राशि में रात्रि 23:20 बजे तक और कुंभ राशि में सुबह 06:40 बजे तक प्रभावी रहेगा। धनिष्ठा नक्षत्र के देवता अष्टवसु माने जाते हैं और इस पर मंगल ग्रह का शासन होता है। ज्योतिष के अनुसार यह नक्षत्र यात्रा, मित्रों से मुलाकात और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
आज का वर्जित समय
पंचांग के अनुसार आज दोपहर 12:32 से 13:52 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् में भी शुभ कार्य न करने की सलाह दी जाती है।
आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अनुकूल है, लेकिन विवादों और कानूनी मामलों से दूर रहना ही बेहतर रहेगा।











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