October 14, 2026 4:59 am

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फिक्स चार्ज के नाम पर जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ, सोलर नीति पर भी गंभीर सवाल – कुमारी सैलजा

चंडीगढ़। 21 जनवरी हरियाणा सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2025 से लागू की गई नई बिजली दरों को लेकर विरोध तेज हो गया है। हरियाणा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता एवं सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने फिक्स चार्ज को जनता विरोधी बताते हुए कहा कि यह निर्णय विशेषकर मध्यम वर्ग और घरेलू उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाला है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि बिजली की खपत कम होने के बावजूद फिक्स चार्ज वसूलना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बढ़ते खर्चों से जूझ रहे परिवारों पर सरकार ने बिजली के नाम पर जबरन वसूली जैसा नया बोझ थोप दिया है। यह नीति उपभोग आधारित न होकर जनता की जेब पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने सरकार की “हर घर सोलर” योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर सरकार मुफ्त बिजली के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर अपने खर्च पर सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं से भी हर महीने हजारों रुपये फिक्स चार्ज के रूप में वसूले जा रहे हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सोलर उपभोक्ता स्वयं बिजली का उत्पादन कर राज्य के बिजली ढांचे पर बोझ कम कर रहे हैं, इसके बावजूद उनसे फिक्स चार्ज वसूलना सरकार की नीतिगत विफलता और दोहरे मापदंड को दर्शाता है। विडंबना यह है कि यदि सोलर उपभोक्ता की जनरेशन अधिक हो और खपत कम हो तो उसे कोई लाभ नहीं मिलता, लेकिन जिस महीने जनरेशन से अधिक बिजली खर्च हो जाए, उस महीने उसे फिक्स चार्ज के साथ पूरा बिल भरने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी नीतियां सोलर ऊर्जा को हतोत्साहित करेंगी और भविष्य में लोग सोलर सिस्टम लगाने से पीछे हटेंगे।
कुमारी सैलजा ने मांग की कि घरेलू उपभोक्ताओं पर लगाया गया फिक्स चार्ज तुरंत वापस लिया जाए और सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को फिक्स चार्ज से पूरी तरह मुक्त किया जाए। साथ ही सोलर नीति को सरल, पारदर्शी और वास्तव में जनहितकारी बनाया जाए।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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