छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आंगनवाड़ी, प्ले-वे और प्राथमिक स्कूलों में लागू होगा एक समान खेल-आधारित पाठ्यक्रम
प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: डॉ. बलजीत कौर
चंडीगढ़, 21 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बच्चों के समग्र विकास और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बुधवार को पंजाब भवन में आयोजित मीडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य में संचालित सभी प्ले-वे स्कूलों के लिए एक अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल लॉन्च करने की घोषणा की।
मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब में संचालित सभी प्ले-वे स्कूलों और छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने वाले निजी स्कूलों के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।
एक समान खेल-आधारित पाठ्यक्रम लागू होगा
मंत्री ने जानकारी दी कि छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए एक एकीकृत और खेल-आधारित पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसे आंगनवाड़ी केंद्रों, प्ले-वे स्कूलों और प्राथमिक स्कूलों में समान रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण फरवरी के मध्य तक पूरा कर लिया जाएगा।
“बच्चों पर पुस्तकों का बोझ डालने के बजाय रचनात्मक गतिविधियों और खेलों के माध्यम से सीखने पर जोर दिया जाएगा,”
6 वर्ष से पहले होता है 90% मस्तिष्क विकास
प्रारंभिक बाल्यावस्था के महत्व को रेखांकित करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि किसी बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 90 प्रतिशत विकास शून्य से छह वर्ष की आयु के बीच होता है।
“इसी कारण इस महत्वपूर्ण अवधि में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित पोषण उपलब्ध कराना पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है,”
मिशन आरंभ से अभिभावकों की भागीदारी
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मिशन आरंभ के तहत बच्चों की दैनिक सीखने की प्रक्रिया से अभिभावकों को सीधे जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि अब तक इस मिशन के अंतर्गत 2,941 अभिभावक समूह बनाए जा चुके हैं। बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों को उनके मोबाइल फोन पर प्रतिदिन गतिविधियाँ और डिजिटल सामग्री भेजी जा रही है, ताकि वे घर पर भी बच्चों के साथ सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
1,000 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे
बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि ₹100 करोड़ की लागत से 1,000 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रत्येक केंद्र पर लगभग ₹10 लाख खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इनमें से 700 आंगनवाड़ी केंद्र पूरे हो चुके हैं, जिनमें हवादार कमरे, आधुनिक रसोई, शिशु-अनुकूल शौचालय, बाला पेंटिंग्स और आधुनिक फर्नीचर की सुविधा उपलब्ध है। शेष 300 केंद्र भी शीघ्र तैयार किए जाएंगे।
ऐतिहासिक कदम: डॉ. बलजीत कौर
मीडिया कॉन्फ्रेंस के अंत में डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा, पोषण और सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठा रही है, ताकि राज्य के बच्चों का भविष्य सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल बनाया जा सके।












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