परवाणू: परवाणू में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अहम नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक रणनीतियों पर विचार-विमर्श का एक प्रभावी मंच साबित हुआ। शिविर के दौरान ऊर्जा क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
चिंतन शिविर में विद्युत (संशोधन) विधेयक–2026, राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026, परमाणु ऊर्जा आधारित विद्युत संयंत्रों को सुदृढ़ करने की रणनीति, ऊर्जा दक्षता में सुधार, पारेषण प्रणाली को मजबूत करने, वितरण क्षेत्र को वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाने, वितरित ऊर्जा संसाधनों के विस्तार तथा 2030 तक 300 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने पर व्यापक मंथन हुआ।
इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में मुकदमेबाजी कम करने, विनियमन में सरलीकरण और उदारीकरण पर केंद्रित कार्ययोजना को लेकर भी गहन चर्चा की गई, ताकि सेक्टर को अधिक पारदर्शी, सक्षम और निवेश-अनुकूल बनाया जा सके।
शिविर के दौरान यह भी कहा गया कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत आज ‘Reforms Express’ की पटरी पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े इन सुधारों को देश की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।











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