चंडीगढ़, 25 जनवरी: पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीआईए खन्ना में तैनात हेड कांस्टेबल रमेश कुमार को 5 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई मास्टर कॉलोनी, खन्ना (जिला लुधियाना) निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता संपत्ति खरीद-फरोख्त के व्यवसाय से जुड़ा है। उसने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल रमेश कुमार ने उस पर जुए और सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का झूठा आरोप लगाकर उसे डराया-धमकाया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, रमेश कुमार ने बताया कि उसे खन्ना के सीआईए इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह ने बुलाया है। जब वह सीआईए कार्यालय पहुंचा तो इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह ने उस पर सट्टेबाजी और गैर-कानूनी लॉटरी से जुड़े होने का आरोप लगाया और झूठा मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने की धमकी दी। इसके बदले हेड कांस्टेबल रमेश कुमार के माध्यम से 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई।
मजबूरी में शिकायतकर्ता ने 2 लाख 20 हजार रुपये की व्यवस्था कर रमेश कुमार को देने का प्रयास किया, लेकिन पूरी रकम न होने के कारण पैसे वापस कर दिए गए। बाद में बातचीत के दौरान रिश्वत की मांग बढ़ाकर 5 लाख 20 हजार रुपये कर दी गई।
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो यूनिट, होशियारपुर से संपर्क किया। प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में हेड कांस्टेबल रमेश कुमार को 5.20 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
विजिलेंस ब्यूरो ने मामले में खन्ना के सीआईए इंचार्ज नरपिंदरपाल सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर उसके घर और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना लुधियाना में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।











Total Users : 291947
Total views : 494479