नई दिल्ली: भारत आज सोमवार, 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है. इस अवसर पर पूरे देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. राजधानी दिल्ली को चारों ओर से अभेद्य सुरक्षा घेरे में रखा गया, जबकि पूरी दुनिया ने कर्तव्य पथ पर भारत की लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक और सैन्य शक्ति की झलक देखी.
राष्ट्रपति ने ली परेड की सलामी, पीएम मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि
गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ कर्तव्य पथ पहुंचीं.
राष्ट्रपति मुर्मू ने सुबह 10 बजकर 37 मिनट पर परेड की सलामी ली. पूरा कार्यक्रम करीब 97 मिनट तक चला.
यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता बने मुख्य अतिथि
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस बार दो मुख्य अतिथि शामिल हुए—
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
यह भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक रहा.
करीब 30 झांकियों में दिखा विकसित भारत का विज़न
परेड में केंद्र और राज्यों की करीब 30 झांकियां शामिल रहीं.
बिजली मंत्रालय की झांकी ने पावर सेक्टर में भारत की सस्टेनेबल, डिजिटल और भरोसेमंद एनर्जी इकोसिस्टम की ओर यात्रा को दर्शाया.
IAF की ताकत: मार्चिंग दस्ता और राफेल फाइटर जेट्स
कर्तव्य पथ पर इंडियन एयर फोर्स का मार्चिंग दस्ता और आसमान में उड़ते राफेल फाइटर जेट्स आकर्षण का केंद्र रहे, जिन्होंने वायुसेना की सटीकता और ताकत का प्रदर्शन किया.
‘पावर्ड बाय स्किल्स’ झांकी ने दिखाया आत्मनिर्भर भारत
स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप मंत्रालय की झांकी में
‘Powered by Skills: Building a Self-Reliant, Future-Ready India’ की थीम को दर्शाया गया.
परेड में दिखे पांच देसी नस्ल के कुत्ते
गणतंत्र दिवस परेड में अटैक और पेट्रोल डॉग के रूप में प्रशिक्षित पांच स्वदेशी नस्लों—
मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पीपराई, कोम्बाई और राजपलायम—का प्रदर्शन किया गया.
इसके साथ हिम योद्धा, बैक्ट्रियन कैमल, जानिस्कारी पोनी और ब्लैक काइट्स भी शामिल रहे.
अजयकेतु ऑल-टेरेन व्हीकल और स्पेशल फोर्स की झलक
स्पेशल फोर्स की टुकड़ी ने अजयकेतु ऑल-टेरेन व्हीकल, रंध्वज टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और धवनसक लाइट स्ट्राइक व्हीकल का प्रदर्शन किया.
आधुनिक मिसाइल सिस्टम ने दिखाई भारत की सैन्य क्षमता
कर्तव्य पथ पर
आकाश वेपन सिस्टम
ABHRA मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM)
सूर्यास्त्र, ब्रह्मोस, दिव्यास्त्र, शक्तिबाण
NAG मिसाइल सिस्टम और इन्फेंट्री कॉम्बैट व्हीकल
का प्रदर्शन किया गया.
DRDO की हाइपरसोनिक LR-AShM मिसाइल बनी आकर्षण
DRDO द्वारा विकसित की जा रही लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप मिसाइल (LR-AShM) को भी प्रदर्शित किया गया.
यह हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल 1500 किलोमीटर तक की रेंज, Mach 10 की स्पीड और अत्याधुनिक मैनूवरेबिलिटी से लैस है. इसके साथ भारत हाइपरसोनिक मिसाइल क्षमता वाले देशों के एलीट क्लब में शामिल हो गया है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ट्राई-सर्विस झांकी ने खींचा ध्यान
इंडियन आर्म्ड फोर्सेज ने
‘ऑपरेशन सिंदूर: Victory Through Jointness’
नाम की ट्राई-सर्विसेज झांकी पेश की, जो सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त ताकत का प्रतीक रही.
EU की टुकड़ी ने किया मार्च
गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की टुकड़ी का मार्च करना एक दुर्लभ और ऐतिहासिक क्षण रहा, जिसने भारत-EU साझेदारी को और मजबूती दी.
हेलीकॉप्टर फ्लाई-पास्ट और पुष्पवर्षा
129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों ने ध्वज फॉर्मेशन में कर्तव्य पथ पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं. इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत ने किया.
अशोक चक्र से सम्मानित हुए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया.
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जताया सम्मान
मुख्य अतिथि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि
“भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना मेरे जीवन का सम्मान है. एक सफल भारत दुनिया को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है.”











Total Users : 291947
Total views : 494479