मेयर चुनाव में भाजपा की एकतरफा जीत, 18 वोट हासिल किए
चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम को नया मेयर मिल गया है। भाजपा पार्षद सौरव जोशी को चंडीगढ़ का नया मेयर चुन लिया गया है। मेयर चुनाव में भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज की। सौरव जोशी को कुल 18 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 7 वोट और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को 11 वोट प्राप्त हुए।
चंडीगढ़ के नए मेयर का आधिकारिक ऐलान हो गया है। भाजपा ने एक बार फिर नगर निगम में मेयर पद पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। भाजपा उम्मीदवार सौरभ जोशी को कुल 18 वोट मिले और वे चंडीगढ़ के 32वें मेयर निर्वाचित हुए।
इस मेयर चुनाव की खास बात यह रही कि किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं हुई। सौरभ जोशी को भाजपा के सभी 18 पार्षदों का समर्थन मिला। वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार योगेश ढींगरा को भी उनकी पार्टी के सभी 11 वोट प्राप्त हुए।
कांग्रेस उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह गाबी को पार्टी पार्षदों के सभी वोट मिले, इसके साथ ही एक वोट कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का भी उनके पक्ष में पड़ा। इस तरह गुरप्रीत सिंह गाबी को कुल 7 वोट हासिल हुए।
आंकड़ों के अनुसार, 18 वोटों के साथ भाजपा का पलड़ा सबसे भारी रहा और पार्टी ने स्पष्ट बहुमत के साथ मेयर पद अपने नाम किया। चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और मतदान पार्षदों के हाथ खड़े कराकर कराया गया।
मेयर पद जीतने के बाद भाजपा खेमे में जश्न का माहौल देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने सौरभ जोशी को बधाई दी और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की।
नव-निर्वाचित मेयर सौरभ जोशी ने जीत के बाद कहा कि वे चंडीगढ़ के विकास को प्राथमिकता देंगे और सभी पार्षदों को साथ लेकर शहर के हित में काम करेंगे। उन्होंने स्वच्छता, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का भरोसा दिलाया।
अब नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के चुनाव को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
इस बार का मेयर चुनाव कई मायनों में खास रहा। पहली बार मेयर का चुनाव सीक्रेट बैलेट के बजाय पार्षदों के हाथ खड़े कराकर कराया गया। यह व्यवस्था नगर निगम के इतिहास में एक नया प्रयोग मानी जा रही है। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इस बार भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी—तीनों दलों ने अलग-अलग अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे। जबकि इससे पहले के दो मेयर चुनावों में AAP और कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ रही थीं। गठबंधन टूटने के बाद हुए इस चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत का लाभ मिला।
मेयर पद के साथ-साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए भी मतदान किया जाएगा, जिस पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। इन पदों को लेकर भी नगर निगम में राजनीतिक समीकरण अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मेयर चुने जाने के बाद सौरव जोशी ने सभी पार्षदों का आभार जताया और कहा कि वे राजनीति से ऊपर उठकर चंडीगढ़ के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने स्वच्छता, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल आपूर्ति, सड़कों की हालत और नागरिक सुविधाओं को अपनी प्राथमिकता बताया।
शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों ने भी नए मेयर को बधाई देते हुए उनसे चंडीगढ़ को एक आदर्श, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर बनाने की उम्मीद जताई है।
अब सभी की नजरें नए मेयर के पहले फैसलों और नगर निगम की आगामी कार्ययोजना पर टिकी हुई हैं।











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