नई दिल्ली। आज 30 जनवरी 2026, शुक्रवार को माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। धर्मशास्त्रों के अनुसार इस तिथि का स्वामी भगवान विष्णु को माना जाता है। यह दिन नई योजनाएं बनाने, रणनीति तय करने, दान-पुण्य और उपवास के लिए विशेष रूप से शुभ माना गया है। आज जया एकादशी का पारण किया जाएगा। इसके साथ ही शुक्र प्रदोष व्रत भी है और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिससे दिन का महत्व और बढ़ गया है।
30 जनवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : माघ
पक्ष : शुक्ल
तिथि : द्वादशी
वार : शुक्रवार
योग : वैद्रुति
नक्षत्र : आर्द्रा
करण : बलव
चंद्र राशि : मिथुन
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:11 बजे
सूर्यास्त : शाम 05:57 बजे
चंद्रोदय : दोपहर 03:06 बजे
चंद्रास्त : सुबह 05:54 बजे (31 जनवरी)
राहुकाल : 11:14 से 12:34 बजे तक
यमगंड : 15:16 से 16:37 बजे तक
आर्द्रा नक्षत्र में क्या करें, क्या न करें
आज चंद्रमा मिथुन राशि में आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेंगे। इस नक्षत्र के अधिष्ठाता देव रुद्र और स्वामी ग्रह राहु माने जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार यह नक्षत्र शत्रुओं से संघर्ष, विष संबंधी कार्य, किसी पुराने कार्य से अलगाव, खंडहर गिराने या कठिन निर्णय लेने के लिए उपयुक्त माना गया है। साथ ही इस नक्षत्र में बड़ों का आशीर्वाद लेना भी शुभ फलदायी होता है।
हालांकि यात्रा और खरीदारी से आज के दिन बचने की सलाह दी गई है।
आज का वर्जित समय
आज 11:14 से 12:34 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस अवधि में किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् काल में भी शुभ कार्य न करने की सलाह दी जाती है।
(यह पंचांग धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है।)











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