बीजिंग/लंदन: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ और विदेश नीति संबंधी धमकियों के बीच एक लॉन्ग-टर्म, स्थिर और व्यापक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप पर सहमति जताई। बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में दोनों नेताओं के बीच करीब 80 मिनट तक बैठक हुई।
बैठक के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है। उन्होंने बिना अमेरिका का नाम लिए चेतावनी दी कि अगर बड़े देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन नहीं करते, तो दुनिया “जंगल के कानून” की ओर लौट सकती है। शी ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन अपने विकास के बावजूद कभी दूसरे देशों के लिए खतरा नहीं बनेगा।
आठ साल में चीन का दौरा करने वाले पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बने कीर स्टारमर ने इस बैठक को “सार्थक” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध “मजबूत और सकारात्मक दिशा” में हैं। उन्होंने बताया कि वार्ता में व्हिस्की पर टैरिफ, चीनी नागरिकों के लिए वीज़ा-फ्री यात्रा की संभावनाएं, और अवैध प्रवासन व मानव तस्करी पर सहयोग जैसे मुद्दों पर ठोस प्रगति हुई है।
ब्रिटिश सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इंग्लिश चैनल पार करने में इस्तेमाल होने वाले 60 प्रतिशत से अधिक बोट इंजन चीन में बने पाए गए हैं। इसको देखते हुए दोनों देश एक नए बॉर्डर सिक्योरिटी एग्रीमेंट के तहत स्मगलिंग नेटवर्क की सप्लाई चेन तोड़ने, इंटेलिजेंस शेयरिंग बढ़ाने और चीनी मैन्युफैक्चरर्स के साथ सीधे सहयोग पर सहमत हुए हैं।
इसके अलावा, दोनों देशों ने अवैध रूप से ब्रिटेन में रह रहे लोगों को वापस भेजने, सिंथेटिक ओपिओइड बनाने वाले गिरोहों पर कार्रवाई तेज करने और जलवायु परिवर्तन व वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि वे साझा हितों में सहयोग बढ़ाते रहेंगे और मतभेदों पर खुली व ईमानदार बातचीत जारी रखेंगे।











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