April 5, 2026 6:17 am

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PUNJAB: कांग्रेस-अकाली-भाजपा को परिवार की, AAP को पंजाब के नौजवानों की चिंता: मुख्यमंत्री भगवंत मान

रंगला पंजाब’ मिशन के तहत 2.7 लाख दलित विद्यार्थियों को ₹271 करोड़ की पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप

जालंधर, 30 जनवरी: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने पुत्र-भतीजों और रिश्तेदारों की चिंता करती रहीं, वहीं आम आदमी पार्टी की सरकार ने हमेशा पंजाब के नौजवानों और उनके भविष्य को प्राथमिकता दी है। वे जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप वितरण की शुरुआत के अवसर पर बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मिशन रंगला पंजाब’ के तहत ₹271 करोड़ की राशि विद्यार्थियों को वितरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 की तुलना में 2024-25 में स्कॉलरशिप लाभार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो राज्य में शिक्षा सुधारों की ठोस गवाही है। “यह स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम है,”

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पहले वजीफा घोटाले हुए, फंड समय पर जारी नहीं हुए और विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने तक से वंचित होना पड़ा। “हमारी सरकार ने वर्षों से अनदेखी किए गए सिस्टम को दुरुस्त किया है और पारदर्शिता सुनिश्चित की है,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर कार्यक्रम के अंश साझा करते हुए कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी बच्चा उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि योजना 2.50 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए है और इसे पूरे पंजाब में पारदर्शी तरीके से लागू किया जा रहा है।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से 2020 के बीच यह योजना लगभग ठप हो गई थी, जिससे संस्थानों ने विद्यार्थियों की डिग्रियां तक रोक ली थीं। “इस घोटाले से पूरे पंजाब को निराशा हुई थी। हमारी सरकार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए योजना को सामाजिक बदलाव का मजबूत साधन बनाया,” उन्होंने कहा।
शिक्षा की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कमजोर और पिछड़े वर्गों की तकदीर बदलने का एकमात्र रास्ता शिक्षा है। उन्होंने अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और त्याग विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। इस अवसर पर उन्होंने संत राम उदासी की कविता ‘मघदा रहैं वे सूरजा कम्मियां दे विहड़े’ भी साझा की।


मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल पर जवाबदेही आधारित व्यवस्था लागू की गई है और धोखाधड़ी रोकने के लिए विद्यार्थियों, संस्थानों व नोडल अधिकारियों के लिए बायो-प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। योजना का बजट ₹245 करोड़ से बढ़ाकर ₹271 करोड़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य—दोनों क्षेत्रों में एक साथ क्रांतिकारी सुधार कर रही है। स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, स्कूल ऑफ एमिनेंस, शिक्षकों का विदेशी प्रशिक्षण, और प्रतियोगी परीक्षाओं (नीट, जेईई, क्लैट, एनआईएफटी) की कोचिंग जैसी पहलें इसका उदाहरण हैं। उन्होंने दावा किया कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 65 लाख परिवारों को ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज, 881 आम आदमी क्लीनिकों में मुफ्त उपचार, चार वर्षों में 63,027 सरकारी नौकरियां, 90% परिवारों को मुफ्त बिजली और किसानों को धान सीजन में निर्बाध बिजली जैसी उपलब्धियों का भी उन्होंने उल्लेख किया।


कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और डॉ. बलजीत कौर ने भी संबोधित किया। लाभार्थी विद्यार्थियों ने भावुक होकर अपने अनुभव साझा किए। एमबीबीएस छात्र दिलप्रीत सिंह, बीए-एलएलबी छात्रा हरशिता और अन्य विद्यार्थियों ने स्कॉलरशिप को अपने सपनों को पंख देने वाला कदम बताया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां, मोहिंदर भगत, सांसद राज कुमार चब्बेवाल, राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल, विधायक बलकार सिंह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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