June 15, 2026 5:23 pm

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CHANDIGARH: मनीमाजरा में दूषित पेयजल से बढ़ा बीमारियों का खतरा

 नगर निगम आयुक्त और मेयर से लगाई गुहार

दूषित पानी से जनता में भारी रोष, समाजसेवियों ने ‘मध्य प्रदेश जैसी त्रासदी’ की चेतावनी दी

चंडीगढ़/मनीमाजरा, 31 जनवरी। मनीमाजरा और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से स्वच्छ पेयजल की भारी किल्लत और दूषित पानी की आपूर्ति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब यह समस्या सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बनती जा रही है।

समाजसेवी राजबीर सिंह, सुभाष धीमान और सेक्टर-26 बापूधाम से समाजसेवी अजय कुमार ने संयुक्त रूप से प्रशासन, नगर निगम आयुक्त और मेयर का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा समस्या

समाजसेवियों के अनुसार मनीमाजरा के कई क्षेत्रों में लोगों को रोज़ाना स्वच्छ पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। इनमें

इंदिरा कॉलोनी, सुभाष नगर, शांति नगर, ओल्ड मनीमाजरा, दर्शनी बाग, नागला मोहल्ला, गोबिंदपुरा किशनगढ़, शास्त्री नगर, मनीमाजरा कॉम्प्लेक्स, मौली जागरां, विकास नगर और बापूधाम कॉलोनी (सेक्टर-26) शामिल हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जल आपूर्ति विभाग में बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।

स्वास्थ्य पर मंडरा रहा गंभीर खतरा

दूषित और अनुपयुक्त पानी पीने को मजबूर लोग पेट दर्द, दस्त, डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। समाजसेवियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो चंडीगढ़ में भी मध्य प्रदेश जैसी जल-प्रदूषण से जुड़ी कोई बड़ी त्रासदी घट सकती है।

शिकायतों की अनदेखी का आरोप

समाजसेवियों का आरोप है कि जल आपूर्ति विभाग को लगातार ‘वॉटर अनफिट’ होने की शिकायतें दी जा रही हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हो रहा। ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग किसी बड़ी घटना का इंतज़ार कर रहा है।

प्रशासन से प्रमुख मांगें

गुणवत्ता जांच अनिवार्य हो:

पानी की सप्लाई से पहले हर वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम पर गुणवत्ता जांच और TDS (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) की अनिवार्य जांच की जाए।

लैब टेस्टिंग:

मेन पाइपलाइन से घरों तक पानी भेजने से पहले प्रत्येक डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट पर लैब टेस्टिंग सुनिश्चित की जाए।

जवाबदेही तय की जाए:

जहां भी दूषित पानी की सप्लाई पाई जाए, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

नियमित निगरानी:

प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि शहर का कोई भी इलाका दूषित पानी की समस्या से प्रभावित न रहे।

सिटी ब्यूटीफुल’ की छवि पर सवाल

समाजसेवियों राजबीर सिंह भारतीय, सुभाष धीमान (चेयरमैन) और अजय कुमार (सेक्टर-26) ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने तुरंत सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो हालात भयावह हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जिस चंडीगढ़ को ‘सिटी ब्यूटीफुल’ कहा जाता है, वहां नागरिकों को साफ पानी जैसी बुनियादी ज़रूरत के लिए तरसना पड़ रहा है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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