चंडीगढ़: चंडीगढ़ में एक महिला को आंख मारने, फ्लाइंग किस करने और अश्लील इशारे करने के मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने रामदरबार निवासी एक व्यक्ति को महिला से छेड़छाड़ का दोषी करार देते हुए उस पर 10 हजार रुपये का हर्जाना लगाने का आदेश दिया है। यह राशि पीड़ित महिला को दी जाएगी। हालांकि अदालत ने दोषी को जेल भेजने के बजाय प्रोबेशन यानी अच्छे आचरण की शर्त पर रिहा करने का फैसला किया है।
अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने महिला की शिकायत, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए। महिला ने अदालत को बताया कि आरोपी ने सार्वजनिक स्थान पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। गवाहों के बयानों से भी महिला के आरोपों की पुष्टि हुई।
वहीं आरोपी के वकील ने अदालत में दलील दी कि उसके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया गया है और उसने महिला के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की। बचाव पक्ष ने साक्ष्यों को कमजोर बताते हुए आरोपी को बरी करने की मांग की।
लेकिन अदालत ने सभी उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितियों का गहन विश्लेषण करने के बाद बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य महिला की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है और यह कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के मामलों में समाज में गलत संदेश नहीं जाना चाहिए। हालांकि आरोपी की पृष्ठभूमि और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए उसे जेल की सजा देने के बजाय प्रोबेशन पर रिहा किया जा रहा है, ताकि वह भविष्य में अच्छा आचरण बनाए रखे।
इस फैसले को महिला सुरक्षा और सम्मान के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











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