नाभा/पटियाला | 3 फरवरी 2026। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे नाभा जेल से ज़मानत पर रिहा हो गए। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद जैसे ही मजीठिया जेल परिसर से बाहर आए, नाभा जेल के बाहर पहले से जुटे हजारों अकाली कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
रिहाई के मौके पर मजीठिया ने अपने पारंपरिक अंदाज़ में मूंछें मुंडवाकर समर्थकों का अभिवादन किया। उनका यह अंदाज़ देखते ही कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर भांगड़ा शुरू कर दिया। जेल के बाहर फूलों की वर्षा की गई और “मजीठिया जिंदाबाद” के नारे गूंजते रहे।
सुबह से ही उमड़ा समर्थकों का सैलाब
मजीठिया की रिहाई को लेकर सुबह से ही नाभा जेल के बाहर अकाली दल के वरिष्ठ नेता, विधायक और बड़ी संख्या में समर्थक जुटने लगे थे। सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। पार्टी नेताओं ने इसे अकाली दल के लिए “संजीवनी” करार दिया और कहा कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है।
पंजाब सरकार पर साधा निशाना
जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मामलों में फंसाया गया, लेकिन न्यायपालिका ने सच्चाई को पहचाना है।
मजीठिया ने कहा, “यह सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि सच्चाई की जीत है। ज़ुल्म और अन्याय का अंत शुरू हो गया है।”
राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत
मजीठिया की रिहाई के बाद अकाली दल के नेताओं और समर्थकों का दावा है कि इससे पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में अकाली दल और अधिक आक्रामक भूमिका में नजर आएगा और सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष तेज किया जाएगा।
मजीठिया की ज़मानत और रिहाई को लेकर पूरे पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने और गहरे होते नजर आ सकते हैं।











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