गरीब, युवा, महिला और किसान बजट के केंद्र में, हरियाणा को मिलेगा बहुआयामी लाभ
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की स्पष्ट तस्वीर पेश करने वाला बताते हुए कहा कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ सामाजिक संतुलन और समावेशी विकास को भी सुनिश्चित करता है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बजट पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि इस बजट में गरीब, युवा, महिला और किसान—चारों स्तंभों को केंद्र में रखा गया है।
पूंजीगत व्यय से मिलेगी अर्थव्यवस्था को रफ्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश की आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर लगभग 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार सृजन को मजबूती मिलेगी।
युवा, शिक्षा और तकनीक पर बड़ा फोकस
युवा कौशल विकास और शिक्षा क्षेत्र के लिए 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी जैसी उभरती तकनीकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है। इससे गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
स्टार्टअप और उद्यमिता को नई मजबूती
स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 7500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम और अधिक सशक्त होगा।
महिला सशक्तिकरण और रोजगार
महिला रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए लगभग 8000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
स्वास्थ्य, बायोफार्मा और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा
बायोफार्मा शक्ति मिशन के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये, स्वास्थ्य ढांचे के लिए 20 हजार करोड़ रुपये और मेडिकल टूरिज्म के लिए 5000 करोड़ रुपये का समर्थन दिया गया है। इससे गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पतालों को नई गति मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने से दक्षिण हरियाणा और शुष्क क्षेत्रों के किसानों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी।
उद्योग और निवेश को मिलेगा विस्तार
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और बायोफार्मा को बढ़ावा देने वाली योजनाओं से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में नए निवेश प्रोजेक्ट्स आएंगे। साथ ही 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन से पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे पारंपरिक औद्योगिक शहरों को नई ऊर्जा मिलेगी।
रेलवे और शहरी विकास पर विशेष ध्यान
हरियाणा को रेलवे क्षेत्र के लिए 3566 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। राज्य के 34 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रेलवे पुश हरियाणा को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगा।
हरियाणा को मिलेगा अधिक केंद्रीय कर हिस्सा
वर्ष 2026-27 में हरियाणा को केंद्रीय करों से लगभग 20 हजार 772 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से करीब 5547 करोड़ रुपये अधिक हैं। 16वें वित्त आयोग से मिलने वाले अतिरिक्त संसाधन राज्य के विकास को और तेज करेंगे।
ग्रीन एनर्जी और मध्यम वर्ग को राहत
बजट में ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर जोर देने से हरियाणा में सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं का विस्तार होगा। टैक्स प्रक्रिया की सरलता, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों पर शुल्क में छूट तथा शिक्षा और इलाज पर खर्च घटने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर भारत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।











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