डीजीपी अजय सिंघल के निर्देश पर प्रदेशभर में सुरक्षा तैयारियों की बहु-स्तरीय समीक्षा, वरिष्ठ अधिकारियों की फील्ड ड्यूटी
चंडीगढ़, 4 फरवरी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को हर हाल में नियंत्रित और सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से हरियाणा पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरियाणा अजय सिंघल के निर्देशानुसार राज्यभर में सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी गई है। यह कदम संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
कानून-व्यवस्था को लेकर हरियाणा पुलिस पूरी तरह सतर्क – डीजीपी अजय सिंघल
डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट किया कि हरियाणा पुलिस प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून का राज बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों को गश्त, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने दो टूक कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने वाले तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस बल को पेशेवर, संयमित और जनहित में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई फील्ड रिव्यू की जिम्मेदारी
पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों, रेंजों और पुलिस आयुक्तालयों को उच्च सतर्कता बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए 6 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विभिन्न जिलों, रेंजों और आयुक्तालयों में कानून-व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा का दायित्व सौंपा गया है।
सभी इकाइयों को निर्धारित समय-सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्रगति की गहन समीक्षा की जाएगी।
कागज़ी योजनाओं से आगे, जमीनी क्रियान्वयन पर जोर
डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गश्त व्यवस्था, सीलिंग प्लान और सुरक्षा योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी वास्तविक प्रभावशीलता फील्ड स्तर पर दिखाई देनी चाहिए।
रात्रि गश्त, नाकाबंदी और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी के लिए राजपत्रित अधिकारियों को प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार बनाया गया है, ताकि जवाबदेही तय हो सके और किसी भी चूक की तुरंत पहचान की जा सके।
सीसीटीवी नेटवर्क को बनाया जा रहा सुरक्षा की मजबूत रीढ़
अपराध नियंत्रण और निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, नर्सिंग होम, पेट्रोल पंप, आभूषण प्रतिष्ठान, बैंक, स्कूल-कॉलेज, आरडब्ल्यूए क्षेत्र, बाजार, पार्किंग स्थल, धार्मिक स्थल, औद्योगिक इकाइयां, गोदाम, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनके रखरखाव को अनिवार्य किया जा रहा है।
कैमरों की सूची, डीवीआर की सुरक्षा और नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारियों और उप-मंडल अधिकारियों को सौंपी गई है।
गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई
हर जिले में गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों की दैनिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। सूचना मिलते ही विशेष और सुसज्जित टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मानवीय दृष्टिकोण के साथ त्वरित कार्रवाई हो सके।
पुलिस बल का मनोबल भी प्राथमिकता
पुलिस बल की कार्यक्षमता और मनोबल बनाए रखने के लिए साप्ताहिक अवकाश और नियमित छुट्टियों को पूर्व निर्धारित योजना के तहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को जिला, रेंज और पुलिस मुख्यालय स्तर पर सम्मानित करने की व्यवस्था को भी प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है।











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