October 14, 2026 7:49 pm

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पंचकूला नगर निगम का कार्यकाल खत्म, फिर भी लगे पूर्व जनप्रतिनिधियों के बोर्ड; सिटीजन्स वेलफेयर एसोसिएशन ने जताई आपत्ति

पंचकूला: नगर निगम (एमसी) का कार्यकाल 5 जनवरी 2026 को समाप्त हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन शहर की सड़कों और विभिन्न क्षेत्रों में अब भी पूर्व निर्वाचित प्रतिनिधियों और महापौर के सूचना बोर्ड लगे हुए हैं। इसे लेकर शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
एमसी के नियमों और विनियमों के अनुसार, नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने के तुरंत बाद पूर्व निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़े सभी संकेतक बोर्ड हटाए जाने चाहिए, ताकि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को लाभ न पहुंचे। बावजूद इसके, बोर्डों का अब तक बने रहना सवाल खड़े कर रहा है।
खास बात यह है कि पंचकुला में वार्ड परिसीमन को लेकर चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर लगे ये बोर्ड किसी विशेष व्यक्ति या राजनीतिक दल के प्रति पक्षपात का संकेत देते प्रतीत हो रहे हैं, जिससे आगामी नगर निगम चुनावों की निष्पक्षता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इसी मुद्दे को लेकर सिटीजन्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.के. नैय्यर, उपाध्यक्ष राकेश सोंधी, सचिव के.आर. कोली और महासचिव सुनील जैन ने निगम आयुक्त विनय कुमार, संयुक्त निगम आयुक्त गौरव चौहान और अधीक्षण अभियंता ई. विजय गोयल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों और सड़कों के किनारे लगे पूर्व नगर निगम सदस्यों की पहचान बताने वाले सभी साइनबोर्ड तत्काल हटाए जाएं।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि नगर निगम का कार्यकाल 5 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका है, इसलिए बिना किसी संकोच और किसी भी प्रकार के राजनीतिक पक्षपात से दूर रहते हुए, सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर इन बोर्डों को हटाया जाना चाहिए, ताकि आगामी नगर निगम चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से संपन्न हो सकें।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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