एक ही SDM पद पर तैनाती ने खड़े किए सवाल
वर्तमान में वर्ष 2022 और 2023 बैच वर्ष के 6 – 6 आई.ए.एस. और 2023 बैच के 9 एच.सी.एस. एक समान एस.डी.एम. पद पर तैनात
प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था अनुसार नियुक्ति के पहले 4 वर्षो तक ही आई.ए.एस. अधिकारी जबकि नियुक्ति के 5 वर्षो पश्चात एच.सी.एस. अधिकारी तैनात हो सकता है एस.डी.एम. – एडवोकेट हेमंत कुमार
चंडीगढ़ | हरियाणा की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक रोचक लेकिन गंभीर सवाल सामने आया है—क्या राज्य सरकार की दृष्टि में जूनियर हरियाणा सिविल सेवा (HCS) अधिकारी, जूनियर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों से भी ऊपर आ गए हैं? इसकी वजह हालिया तैनातियां हैं, जिनमें जूनियर IAS और उससे भी कम सेवा अवधि वाले HCS अधिकारियों को एक ही SDM (उपमंडलाधीश) पद पर तैनात किया गया है।
प्रशासनिक मामलों के जानकार और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता हेमंत कुमार के अनुसार, वर्तमान में वर्ष 2022 और 2023 बैच के कुल 12 IAS अधिकारी तथा 2023 बैच के 9 HCS (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) अधिकारी प्रदेश के विभिन्न उपमंडलों में एक समान SDM पद पर तैनात हैं। यह स्थिति प्रशासनिक नियमों और कैडर व्यवस्था को लेकर बहस का विषय बन गई है।
IAS और HCS की सामान्य व्यवस्था
IAS एक अखिल भारतीय सेवा है, जबकि HCS हरियाणा की प्रादेशिक सिविल सेवा है। सामान्य तौर पर IAS का दर्जा HCS से ऊपर माना जाता है। IAS अधिकारी या तो UPSC द्वारा सीधी भर्ती से, राज्य सिविल सेवा से प्रमोशन के जरिए, या सीमित नॉन-एससीएस कोटे से चयनित होते हैं। हरियाणा में वर्तमान में पांच IAS अधिकारी नॉन-HCS कोटे से चयनित हैं।
नियमों के अनुसार, IAS अधिकारी अपने सेवा करियर के पहले चार वर्षों तक SDM पद पर तैनात रहते हैं। इसके बाद सीनियर टाइम स्केल मिलने पर वे ADC जैसे उच्च पदों के लिए पात्र हो जाते हैं। वहीं, HCS अधिकारियों को सामान्यतः सेवा के कम से कम पांच वर्ष पूरे करने के बाद ही SDM पद पर तैनाती मिलती है।
कौन-कौन SDM पद पर तैनात
2022 बैच के IAS अधिकारियों में अंकित कुमार चौकसी (झज्जर), अंजलि श्रोत्रिया (गोहाना), अर्पित संगल (डबवाली), ज्योति (पलवल), डॉ. राहुल रैया (असंध) और उत्सव आनंद (सांपला) SDM के रूप में कार्यरत हैं।
2023 बैच के IAS अधिकारियों में अंकिता पंवार (नूंह), अनिरुद्ध यादव (नारनौल), अभिनव सिवाच (बहादुरगढ़), आकाश शर्मा (टोहाना), कनिका गोयल (महेंद्रगढ़) और योगेश सैनी (चरखी दादरी) शामिल हैं।
वहीं, 2023 बैच के 9 जूनियर HCS अधिकारी—जिन्हें सेवा में आए अभी मात्र दो वर्ष ही हुए हैं—भी SDM पद पर तैनात कर दिए गए हैं। इनमें कुंवर आदित्य विक्रम (पुन्हाना), विपिन कुमार (महम), अप्रतिम सिंह (हथिन), आशीष सांगवान (बाढ़डा), अजय हुड्डा (कलायत), रमन गुप्ता (बादली), विश्वनाथ (जगाधरी), पारस भगोरिया (ऐलनाबाद) और प्रमेश सिंह (गुहला) शामिल हैं।
कैडर आदेश से टकराव
हेमंत कुमार ने बताया कि दिसंबर 2025 में कार्मिक विभाग ने आगामी तीन वर्षों के लिए HCS कैडर स्ट्रेंथ निर्धारण आदेश जारी किया था, जिसमें SDM पदों को स्पष्ट रूप से सीनियर स्केल और सिलेक्शन ग्रेड (5 से 15 वर्ष की सेवा) वाले HCS अधिकारियों के लिए आरक्षित दर्शाया गया है। इस आधार पर 2023 बैच के HCS अधिकारी जनवरी 2028 से पहले SDM पद के लिए पात्र नहीं होते।
विवेकाधिकार बनाम प्रशासनिक सिद्धांत
हालांकि IAS और HCS अधिकारियों की तैनाती व तबादले का अधिकार राज्य सरकार और मुख्यमंत्री के विवेकाधिकार में निहित है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे निर्णय लेते समय प्रशासनिक सिद्धांतों और कैडर नियमों का पालन आवश्यक है। एक ही SDM पद पर जूनियर IAS और उससे भी कम सेवा अवधि वाले HCS अधिकारियों की समान तैनाती ने प्रशासनिक संतुलन और कैडर अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और क्या भविष्य में ऐसी तैनातियों को लेकर कोई स्पष्ट नीति सामने आती है।











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