कर्मचारी व मजदूर संगठनों ने दस दिन लगातार राज्य में जत्थों चलाकर झौंकी ताकत : जय भगवान
लेबर कोड्स लागू हुए तो मजदूर पूंजीपतियों के होंगे गुलाम,संयुक्त किसान मोर्चा भी करेगा समर्थन : नरेश शास्त्री
चंडीगढ़ , 10 फरवरी 2026 केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी, मजदूर व कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल राज्य में ऐतिहासिक रूप से सफल होने जा रही है। इस हड़ताल का आह्वान देश की दस केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों, केन्द्र एवं राज्य सरकार और पीएसयू के कर्मचारियों के सैकड़ों कर्मचारी संघों की फेडरेशनों ने संयुक्त रूप से किया है। हड़ताल को राज्य में सफल बनाने के लिए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व मजदूर संगठन सीटू हरियाणा ने पूरी ताकत झोंक दी है। पिछले दस दिन से 7 जत्थे राज्य के सभी 22 जिलों में मजदुर, कर्मचारियों और आम जनता के बीच जाकर जनसभाएं कर रहे हैं। राज्य में सीटू, इंटक, एटक, हिंद मजदूर सभा, एआईयूटीयूसी, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ,हरियाणा बैंक एम्पलाइज फेडरेशन, नॉर्थ जोन बीमा कर्मचारी संघ, पोस्टल, टेलीकॉम, स्वतंत्र औद्योगिक यूनियनें ओर इन संगठनों से जुड़े हजारों यूनियनें हड़ताल में उतरेंगी।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री, सीटू राज्य महासचिव जय भगवान ने दावा किया है कि 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल पिछली सभी हड़तालों के रिकॉर्ड तोड़ेगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल के प्रमुख मुद्दों में लेबर कोड्स को वापस करवाना, मनरेगा की पुनः बहाली, पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली, राज्य में न्यूनतम वेतन 30000 रुपए करवाने, सभी प्रकार के अस्थाई, ठेका कर्मियों व परियोजना वर्करों को नियमित करने, निर्माण श्रमिकों के कल्याण बोर्ड से सुविधाएं जारी करने, राज्य कर्मियों के लिए अलग से वेतन आयोग का गठन और पांच हजार रुपए अंतरिम राहत देने जैसी मांगे प्रमुख रूप से उठाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार बिजली बिल 2025 को लागू बिजली के ढांचे को तहस नहस करना चाहती है। जनता पर आर्थिक बोझ डालना चाहती है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार से सीड्स बिल किसानों को कार्पोरेट कंपनियों का गुलाम बनाने का मामला है। संगठन नेताओं ने कहा कि सरकार ने पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए 29 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड्स बनाए हैं। उन्होंने कहा कि यह लेबर कोड्स मजदूरों और कर्मचारियों के लिए गुलामी का दस्तावेज हैं। यह हमेशा के लिए स्थाई नौकरी और रोजगार सुरक्षा को खत्म कर देगा। कार्य दिवस 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करने का निर्णय बेहद खतरनाक है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसलिए इसका प्रतिरोध होगा और 12 फरवरी की हड़ताल ऐतिहासिक रूप से सफल होगी।
सुभाष लांबा
प्रमुख मांग:
1. मजदूर विरोधी लेबर कोड्स वापस लो।
2. न्यूनतम वेतन 30000 रु. करो।
3. ठेका प्रथा, निजीकरण बंद करो।
4. 30 दिसम्बर हाई कोर्ट का निर्णय लागू करते हुए अस्थाई / कच्चे कर्मियों / एच के आर एन/स्कीम वर्कर्स को स्थाई करो।
5. खाली पदों पर स्थाई भर्ती करो। नए पद सृजित करो।
6. निर्माण मजदूरों का पोर्टल शुरू करो- सुविधाएं दो।
7. बीवी जी राम जी रद्द करो, मनरेगा को मजबूत करके बहाल करो ।
8. न्यूनतम पेंशन 10000 रु. मासिक करो।
9. बिजली बिल 2025 रद्द करो। पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करो।
10. सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा कानून लागू करो।
11. बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत FDI का निर्णय वापिस लो।
12. सभी फसलों पर एमएसपी व खरीद की गारंटी करो,
13. किसान- मजदूरों के कर्जे माफ करो।
14. परमाणु ऊर्जा संयंत्रों बारे ‘शांति’ अधिनियम, बीज बिल-2025 रद्द करो।










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