करीब सात साल बाद हो रहे चुनाव, 1.15 लाख अधिवक्ता करेंगे मतदान
चंडीगढ़/पंचकूला, 11 फरवरी 2026: पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में पूर्व चेयरमैन रणधीर सिंह बधरान ने मंगलवार को लॉ भवन, चंडीगढ़ में बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के सदस्य पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन के उपरांत पंचकूला स्थित रेड बिशप होटल में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अधिवक्ताओं से जुड़े प्रमुख एवं ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सात साल बाद हो रहे बार काउंसिल चुनाव
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि लगभग सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद बार काउंसिल के चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों में करीब 1,15,000 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा एक वैधानिक संस्था है, जो डेढ़ लाख से अधिक अधिवक्ताओं का प्रतिनिधित्व करती है, ऐसे में यह चुनाव पूरे विधि समुदाय के लिए बेहद अहम हैं।
अधिवक्ताओं के कल्याण और पारदर्शिता पर जोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अधिवक्ताओं के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा, बार काउंसिल के कामकाज में पारदर्शिता, वेलफेयर फंड के उचित उपयोग, न्यायालयों में आधारभूत सुविधाओं के सुधार तथा अधिवक्ताओं की गरिमा और स्वतंत्रता की रक्षा जैसे विषयों पर गंभीर मंथन हुआ।
वक्ताओं ने विशेष रूप से युवा एवं महिला अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत, ईमानदार और जवाबदेह बार काउंसिल की आवश्यकता पर बल दिया।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखे विचार
इस अवसर पर बड़ी संख्या में वरिष्ठ एवं युवा अधिवक्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से रणधीर सिंह साथी, बलदेव सिंह बधरान, जसबीर सिंह ठोल, सरोज बाला, रविकांत, सुखविंदर सिंह नारा, नरेश डडवाल, यादविंदर श्योरान, नरेंद्र बहगल, मनदीप लाम्बा, हरपाल सिंह, वीरेंद्र शर्मा, राजकुमार सलूजा, शुभम शर्मा, कपिल मिलखड़ा, रितेश चौधरी, यजपाल डानडा, अरुण नारा, लव शर्मा, विकास सैनी, संजय पंघाल सहित अनेक अधिवक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
इसके अलावा उपस्थित अन्य प्रत्याशी अधिवक्ताओं ने भी बार काउंसिल चुनावों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए रणधीर सिंह बधरान के समर्थन में मतदान की अपील की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में सभी अधिवक्ताओं से अपील की गई कि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और स्वच्छ, पारदर्शी एवं जवाबदेह नेतृत्व को समर्थन देकर बार काउंसिल को और अधिक सशक्त बनाएं।











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