मुख्यमंत्री ने इंडस्ट्री–लेबर फ्रेंडली काउंसिल की पहली बैठक की अध्यक्षता
ऐसी काउंसिल गठित करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य
चंडीगढ़, 12 फरवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य “विकसित उद्योग, विकसित श्रमिक” के सिद्धांत पर काम करना है, ताकि राज्य की आर्थिक प्रगति को और तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक उद्योग निर्बाध रूप से नहीं चलेंगे और श्रमिक संतुष्ट व सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक किसी भी राज्य का समग्र विकास संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में इंडस्ट्री–लेबर फ्रेंडली काउंसिल की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, उपप्रधान सचिव यशपाल सहित काउंसिल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री एवं काउंसिल के चेयरपर्सन नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्योग और श्रमिकों के बीच सामंजस्य व सहयोग की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से इस काउंसिल का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस तरह की काउंसिल गठित करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और श्रमिकों को ईज ऑफ लिविंग प्रदान करने की नीति पर काम कर रही है। यह काउंसिल उद्योग और श्रमिकों से जुड़ी सरकारी घोषणाओं की समीक्षा करेगी, श्रमिकों की सुरक्षा, उद्योग–श्रमिक विवादों के समाधान और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों में कौशल उन्नयन से जुड़े सुझाव देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि उत्पादकता में वृद्धि से जीडीपी में भी इजाफा होगा, जो देश और प्रदेश दोनों के विकास की बुनियाद है।
उन्होंने जानकारी दी कि हरियाणा में लगभग दो लाख सूक्ष्म और मध्यम उद्योग इंडस्ट्रियल एरिया से बाहर संचालित हो रहे थे, जिससे उन्हें कई सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसे देखते हुए सरकार ने 25 दिसंबर 2025 को एक पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से ऐसे उद्योग पंजीकरण कराकर नियमित हो सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर पाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में एचएसवीपी से एचएसआईआईडीसी में प्लॉट स्थानांतरण से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। इसके अलावा, ईएसआईसी अस्पतालों के लिए उद्योगपतियों को रियायती दरों पर जमीन देने की मंजूरी भी सरकार ने दे दी है। औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए सस्ती दरों पर डोरमेट्री आवास बनाने की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है, वहीं कई जिलों में जगह की कमी को देखते हुए मल्टी-लेवल पार्किंग के निर्माण की योजना भी बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योगों के लिए वातावरण को और अधिक अनुकूल बना रही है, ताकि निवेशक प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत–2047” के विजन को साकार करने में भी मदद मिलेगी।











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