चंडीगढ़, 12 फरवरी : राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), गुरुग्राम द्वारा दर्ज एक अहम भ्रष्टाचार मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गुरुग्राम श्री पुनित सहगल की अदालत ने आज 12 फरवरी 2026 को आरोपी दलबीर सिंह भट्टी, वरिष्ठ प्रबंधक, HSIIDC मानेसर, गुरुग्राम को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास और ₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई।
क्या था मामला
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने HSIIDC में ठेकेदारी के तहत मानेसर सेक्टर-5, गुरुग्राम में सड़क सफाई का कार्य पूर्ण किया था। कार्य पूरा होने के बाद जब उसने अपने बिल पास कराने की प्रक्रिया शुरू की, तो आरोपी दलबीर सिंह भट्टी ने उससे ₹10,000 की रिश्वत की मांग की।
शिकायत मिलने पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में अभियोग संख्या 09, दिनांक 30.09.2021 के तहत थाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई।
न्यायालय का यह फैसला राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। वहीं, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने दोहराया है कि सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।











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