चंडीगढ़: शिवभक्त इस वर्ष 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाएंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, शोभन योग, साध्य योग, शुक्ल योग, ध्रुव योग, व्यतिपात और वरियान योग का विशेष प्रभाव रहेगा। इन शुभ संयोगों में की गई भगवान शिव की आराधना को अत्यंत फलदायी माना गया है।
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। शिवभक्तों के लिए यह पर्व साधना, संयम और आध्यात्मिक जागरण की विशेष रात होता है। भक्त उपवास रखकर चारों प्रहर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व रहता है।
महाशिवरात्रि के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:21 से 6:12 बजे तक
रुद्राभिषेक का शुभ समय: 11:07 बजे से 1:04 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:15 बजे से 12:59 बजे तक
संध्या पूजन मुहूर्त: शाम 5:35 बजे से रात्रि 12:18 बजे तक
इन मुहूर्तों में जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और आराधना करना विशेष फलदायी माना गया है।
शहर के प्रमुख मंदिरों में तैयारियां तेज
महाशिवरात्रि को लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों—पटियाला चौक स्थित शिव मंदिर, महावीर मंदिर, ऐतिहासिक जयंती देवी मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, रघुनाथ मंदिर और रानी तालाब स्थित भूतेश्वर मंदिर—में तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, यज्ञ और विशेष सजावट की जा रही है।
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मंदिर में रुद्राभिषेक का आयोजन होगा। विशेष साज-सज्जा के बीच हजारों शिवभक्त दिनभर जल, बेलपत्र, फल-फूल अर्पित कर पूजा-अर्चना करेंगे।
चार प्रहर अभिषेक, यज्ञ और महाआरती
महाशिवरात्रि के दिन मंदिरों में चारों प्रहर शिवलिंग का अभिषेक किया जाएगा। दिनभर यज्ञ, संकीर्तन और पूजा-अर्चना होगी। शाम को महाआरती का आयोजन होगा, जबकि रात्रि जागरण में भक्त भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान शिव की आराधना करेंगे।
गंगाजल, शहद और घी से अभिषेक का महत्व
पुजारी नवीन शास्त्री के अनुसार, गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है और इससे सभी दुखों का नाश होता है। शहद से अभिषेक करने पर धन-लाभ, जबकि घी अर्पित करने से वंश-वृद्धि की कामना पूर्ण होती है। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
महाशिवरात्रि पर शहरभर में भक्तिभाव का माहौल रहेगा और शिवालय ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजेंगे।











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