अमेरिकन एकेडमी ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज़ के फेलो निर्वाचित
चंडीगढ़: पंजाब विश्वविद्यालय के मानवविज्ञान विभाग के चेयरपर्सन डॉ. जे.एस. सेहरावत को फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए अमेरिकन एकेडमी ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज़ (AAFS) का फेलो चुना गया है। यह सम्मान उन्हें AAFS के 78वें वार्षिक वैज्ञानिक सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया, जो 9 से 14 फरवरी 2026 तक न्यू ऑरलियन्स अर्नेस्ट एन. मोरियल कन्वेंशन सेंटर, अमेरिका में आयोजित हो रहा है।
AAFS विश्व की सबसे प्रतिष्ठित फॉरेंसिक साइंस अकादमी मानी जाती है, जो फॉरेंसिक विज्ञान की विभिन्न उप-शाखाओं में अनुसंधान, शिक्षा और न्याय आधारित वैज्ञानिक मानकों को बढ़ावा देती है। अकादमी द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि यह उपलब्धि डॉ. सेहरावत के निरंतर वैज्ञानिक योगदान, उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता और अकादमी में उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाती है।
फॉरेंसिक मानवविज्ञान में उल्लेखनीय योगदान
डॉ. सेहरावत ने फॉरेंसिक विज्ञान के विविध क्षेत्रों में व्यापक शोध प्रकाशित किए हैं। विशेष रूप से वे फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजिकल आइडेंटिफिकेशन के क्षेत्र में प्राचीन डीएनए (Ancient DNA) और स्टेबल आइसोटोप एनालिसिस जैसी उन्नत तकनीकों के माध्यम से अज्ञात मानव अवशेषों की पहचान पर कार्य कर रहे हैं।
वे अजनाला (अमृतसर) के एक परित्यक्त कुएं से मिले हजारों अज्ञात मानव कंकालों के बायोलॉजिकल प्रोफाइलिंग प्रोजेक्ट का नेतृत्व भी कर रहे हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग
अजनाला कंकालों की पहचान रणनीतियों के लिए डॉ. सेहरावत के कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शोध सहयोग हैं, जिनमें मेमोरियल यूनिवर्सिटी (कनाडा), मैक्स प्लांक संस्थान (जर्मनी), यूनिवर्सिटी ऑफ ओक्लाहोमा (अमेरिका) और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, चिको शामिल हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान से न केवल पंजाब विश्वविद्यालय बल्कि भारत का भी नाम वैश्विक फॉरेंसिक विज्ञान समुदाय में गौरवान्वित हुआ है।











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