आजादी के बाद पहली बार बदलेगा पीएमओ का पता, मोदी करेंगे नए परिसर का उद्घाटन
नई दिल्ली: केंद्र की प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) आज शुक्रवार को अपने नए पते पर शिफ्ट हो रहा है। आजादी के बाद यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री कार्यालय ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक को छोड़कर किसी नए परिसर में स्थानांतरित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब 6 बजे साउथ ब्लॉक में आखिरी बार कैबिनेट बैठक करेंगे।
दोपहर 1:30 बजे ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन
पीएमओ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 1:30 बजे नए भवन ‘सेवा तीर्थ’ का नामकरण और औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही वे कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का भी उद्घाटन करेंगे। शाम को सेवा तीर्थ परिसर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी प्रधानमंत्री संबोधित करेंगे।
प्रशासनिक शासन में ऐतिहासिक बदलाव
सेवा तीर्थ को भारत के प्रशासनिक शासन और वास्तुकला में एक परिवर्तनकारी कदम बताया जा रहा है। इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के लिए अलग-अलग आधुनिक भवन बनाए गए हैं। वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई अहम मंत्रालयों के कार्यालय संचालित होंगे।
आधुनिक, नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस का प्रतीक
नया कॉम्प्लेक्स प्रधानमंत्री मोदी के मॉडर्न, कुशल और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस इकोसिस्टम के विजन को दर्शाता है।
इन भवनों में—
डिजिटली इंटीग्रेटेड ऑफिस
स्ट्रक्चर्ड पब्लिक इंटरफेस ज़ोन
सेंट्रलाइज्ड रिसेप्शन सिस्टम
की सुविधा उपलब्ध है, जिससे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता, सहयोग और दक्षता बढ़ेगी।
ग्रीन और फ्यूचर-रेडी परिसर
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिजाइन किए गए हैं। इनमें—
रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम
जल संरक्षण उपाय
वेस्ट मैनेजमेंट सॉल्यूशन
हाई-परफॉर्मेंस बिल्डिंग स्ट्रक्चर
शामिल हैं, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा और संचालन दक्षता बढ़ेगी।
सुरक्षा व्यवस्था भी हाई-टेक
आधिकारिक बयान के अनुसार, नए परिसर में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, आधुनिक सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस्ड इमरजेंसी रिस्पॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। यह सुविधाएं अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित और सहज माहौल सुनिश्चित करेंगी, जिसकी कमी साउथ ब्लॉक में महसूस की जा रही थी।
ये मंत्रालय भी होंगे नए भवनों में शिफ्ट
कर्तव्य भवन-1 और 2 में जिन प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय होंगे, उनमें शामिल हैं—
वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, कॉर्पोरेट कार्य, कानून एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक, संस्कृति और जनजातीय कार्य मंत्रालय।
1,189 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ ‘सेवा तीर्थ’
जानकारी के मुताबिक, सेवा तीर्थ के निर्माण पर करीब 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस परिसर को आने वाले दशकों की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री कार्यालय का यह नया ठिकाना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाएगा, बल्कि नागरिकों के साथ सरकार के जुड़ाव को भी नई दिशा देगा।












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