April 6, 2026 6:57 am

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हरियाणा में तैनात 5 पुलिस कमिश्नरों की शक्तियों में असमानता, दो बड़े महानगर अब भी वंचित

चंडीगढ़ : हरियाणा में वर्तमान में 23 राजस्व (सामान्य) जिले और एक विशेष पुलिस जिला—डबवाली (जिला सिरसा) शामिल हैं। इनमें से गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत और झज्जर—कुल पांच जिलों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू है। इन जिलों में जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के स्थान पर आईजी या एडीजीपी रैंक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात होते हैं।

दो महानगरों को अब तक नहीं मिली धारा 163 बीएनएसएस की शक्ति
हालांकि पंचकूला, सोनीपत और झज्जर के पुलिस कमिश्नरों को धारा 163 बीएनएसएस (पूर्ववत धारा 144 सीआरपीसी) के तहत जिलाधीश की शक्तियां प्रदान की गई हैं, लेकिन गुरुग्राम और फरीदाबाद—जो राज्य के प्रमुख महानगर हैं—उनके पुलिस कमिश्नरों को आज तक यह शक्ति नहीं दी गई है।

कौन-कौन हैं वर्तमान पुलिस कमिश्नर
गुरुग्राम: 1998 बैच के आईपीएस विकास अरोड़ा (एडीजीपी रैंक)
फरीदाबाद: 2004 बैच के आईपीएस सतेन्द्र कुमार (आईजी रैंक)
पंचकूला: 1999 बैच के आईपीएस सिबास कबिराज (एडीजीपी रैंक)
झज्जर: 1999 बैच की आईपीएस डॉ. राजश्री सिंह (एडीजीपी रैंक)
सोनीपत: 1996 बैच की आईपीएस ममता सिंह (एडीजीपी रैंक), अतिरिक्त कार्यभार
कानूनी प्रावधान और विरोधाभास
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जिलाधीश, एसडीएम या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट न्यूसेंस या संभावित खतरे की स्थिति में आदेश जारी कर सकते हैं।

पंचकूला, सोनीपत और झज्जर में जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार:
पुलिस कमिश्नर को जिलाधीश की शक्तियां
उनके अधीन डीसीपी/एसीपी को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां
इस व्यवस्था के तहत इन तीनों जिलों में धारा 163 बीएनएसएस के आदेश पुलिस कमिश्नर के साथ-साथ डीसीपी/एसीपी द्वारा भी जारी किए जा सकते हैं।

गुरुग्राम–फरीदाबाद में क्यों नहीं?
इसके विपरीत, गुरुग्राम और फरीदाबाद—जहां पिछले 17–18 वर्षों से पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू है और इनके अधीन कई पुलिस जिले भी आते हैं—वहां के पुलिस कमिश्नरों को न तो जिलाधीश और न ही कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान की गई हैं। यह स्थिति प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताई जा रही है।

समाधान क्या हो?
हेमंत कुमार का तर्क है कि:
या तो पंचकूला, सोनीपत और झज्जर की तर्ज पर गुरुग्राम और फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नरों को भी धारा 163 बीएनएसएस में जिलाधीश की शक्तियां दी जाएं,
अथवा पंचकूला, सोनीपत और झज्जर के पुलिस कमिश्नरों से यह शक्ति वापस लेकर संबंधित जिलों के डीसी को सौंपी जाए।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हरियाणा पुलिस कानून, 2007 की धारा 8 के अनुसार पुलिस कमिश्नरेट में जिलाधीश की शक्तियों का प्रयोग पुलिस कमिश्नर द्वारा किया जाना चाहिए। इस विषय में उन्होंने पिछले वर्षों में कई बार प्रदेश सरकार और गृह विभाग के प्रशासनिक सचिव को लिखा, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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