26 मार्च को यूटी सचिवालय का घेराव करने की चेतावनी
चंडीगढ़: समान काम के लिए समान वेतन सहित विभिन्न मांगों को लेकर यूटी कर्मचारियों की भूख हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाईज एंड वर्कर्स के आह्वान पर यह आंदोलन वाटर वर्क्स, सेक्टर-32 में चल रहा है।
सातवें दिन कुल छह कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे। इनमें इलेक्ट्रिकल वर्कमैन यूनियन से जीवन कुमार, पवन कुमार, जतिंदर जोनी और रोहित कुमार, सीवरेज एम्प्लाइज यूनियन से राजेश व शिवम, तथा सीएमसी हॉर्टिकल्चर वर्कर्स यूनियन से राम राज शामिल रहे।
वर्करों को संबोधित करते हुए नेतृत्व ने कहा कि कर्मचारी 10 दिसंबर से लगातार रैलियां और प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन अब तक मांगों का समाधान नहीं कर रहा और न ही वार्ता के लिए गंभीरता दिखा रहा है। उन्होंने कोऑर्डिनेशन कमेटी के साथ हुए वायदों के अनुसार तुरंत बातचीत कर समस्याओं का हल निकालने की मांग की।
नेतृत्व ने प्रमुख मांगें गिनाते हुए कहा कि:
समान काम के लिए समान वेतन और पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट तुरंत लागू किया जाए।
वेतन का भुगतान समय पर सुनिश्चित हो।
डेलीवेज वर्करों को नियमित किया जाए।
काम से निकाले गए वर्करों को पुनः कार्य पर रखा जाए।
खाली पदों को शीघ्र भरा जाए।
चार नए लेबर कोड्स में मौजूद मजदूर-विरोधी धाराओं को हटाया जाए।
लीडरशिप ने स्पष्ट किया कि 9 फरवरी से भूख हड़ताल जारी है और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 26 मार्च को यूटी सचिवालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस मौके पर कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार, कन्वीनर रघुवीर चंद, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजिंदर कुमार सहित राहुल वैद, जवंत सिंह, नरेश कुमार, राम दुलार, प्रेम पाल, रविंद्र बिष्ट, निर्मल सिंह, जगमोहन सिंह, सुरिंदर कुमार, राजिंदर सिंह आदि नेताओं ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।













Total Users : 323556
Total views : 540270