आज 16 फरवरी 2026, सोमवार को फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान रुद्र का शासन माना जाता है। यह दिन विशेष रूप से शिव पूजा, साधना, आत्मचिंतन और जीवन की समस्याओं पर नियंत्रण पाने की योजना बनाने के लिए शुभ माना गया है। हालांकि, आज के दिन विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्यों से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
आज सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है, जो कई कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है।
16 फरवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: फाल्गुन
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्दशी
दिन: सोमवार
योग: वरियान
नक्षत्र: श्रवण
करण: शकुनी
चंद्र राशि: मकर
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय: सुबह 07:00 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:11 बजे
चंद्रोदय: सुबह 06:50 बजे (17 फरवरी)
चंद्रास्त: शाम 05:09 बजे
राहुकाल: 08:23 से 09:47
यमगंड: 11:11 से 12:35
अस्थायी प्रकृति के कार्यों के लिए अनुकूल नक्षत्र
आज चंद्रमा मकर राशि में श्रवण नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। श्रवण नक्षत्र को गतिशील तारा माना जाता है, जिसके देवता हरि हैं और इस पर चंद्रमा का शासन होता है। यह नक्षत्र यात्रा, वाहन चलाने, बागवानी, खरीदारी, जुलूस में भाग लेने, मित्रों से मिलने और अस्थायी प्रकृति के कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
आज का वर्जित समय
आज 08:23 से 09:47 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान शुभ या मांगलिक कार्यों से बचना उचित रहेगा। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम काल में भी कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू न करने की सलाह दी जाती है।
आज का दिन आध्यात्मिक साधना, शिव आराधना और आत्ममंथन के लिए विशेष फलदायी है। संयम, ध्यान और सही योजना से दिन का सदुपयोग किया जा सकता है।











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