मुंबई: भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी देखने को मिली। साप्ताहिक निफ्टी एक्सपायरी से पहले बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है। मेटल और ऑटो सेक्टर में आई बिकवाली के चलते बेंचमार्क सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
बाजार का ताजा हाल
सुबह के सत्र में BSE सेंसेक्स करीब 232 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 83,044 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 92 अंक या 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,590 के आसपास कारोबार करता दिखा।
गिरावट का असर केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.28 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.05 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
सेक्टरवार प्रदर्शन: मेटल सबसे कमजोर
आज के कारोबार में निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा दबाव में रहा और इसमें 1.35 प्रतिशत की तेज गिरावट देखी गई। चीन के शंघाई और शेन्ज़ेन सूचकांकों में 1 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी के चलते वैश्विक स्तर पर मेटल की मांग को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
इसका सीधा असर Tata Steel, Hindalco और JSW Steel जैसे प्रमुख शेयरों पर पड़ा।
IT सेक्टर ने दिया सहारा
कमजोर बाजार के बीच IT सेक्टर ने मजबूती दिखाई। निफ्टी IT इंडेक्स 1.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
Wipro में बड़ी ब्लॉक डील और तकनीकी मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। IT के अलावा FMCG और PSU बैंक शेयर भी मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में टिके रहे।
विशेषज्ञों की राय: सपोर्ट और रेजिस्टेंस
बाजार जानकारों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,500–25,550 का स्तर एक मजबूत और तत्काल सपोर्ट जोन है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में और गिरावट देखी जा सकती है।
वहीं ऊपर की ओर 25,700–25,800 का स्तर कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। बैंक निफ्टी ने तुलनात्मक रूप से मजबूती दिखाई है, जिसके लिए 60,500 का स्तर अहम डिमांड एरिया माना जा रहा है।
FII-DII गतिविधि से मिला सहारा
16 फरवरी के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹972 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,667 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू निवेशकों का मजबूत इनफ्लो बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद कर रहा है।
वैश्विक संकेतों का असर
अमेरिकी बाजार सोमवार को ‘प्रेसिडेंट्स डे’ के चलते बंद रहे। एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिली—जापान का निक्केई 1.09 प्रतिशत और चीन का शंघाई इंडेक्स 1.26 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। इसका नकारात्मक असर भारतीय बाजार की धारणा पर भी पड़ा।










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