आज शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि है। यह तिथि भगवान शिव और माता गौरी को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन गृह प्रवेश, गृह निर्माण, कलात्मक कार्यों और शुभ शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि विवाद, झगड़े और मुकदमेबाजी जैसे कार्यों से आज के दिन दूर रहना चाहिए।
20 फरवरी 2026 का विस्तृत पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: फाल्गुन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: तृतीया
वार: शुक्रवार
योग: साध्य
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपदा
करण: गर
चंद्र राशि: मीन
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय: सुबह 06:56 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:14 बजे
चंद्रोदय: सुबह 08:24 बजे
चंद्रास्त: रात 09:12 बजे
राहुकाल: 11:10 से 12:35 बजे तक
यमगंड: 15:24 से 16:49 बजे तक
विवाह एवं मांगलिक कार्यों के लिए शुभ है आज का नक्षत्र
आज चंद्रमा मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र में स्थित हैं। यह नक्षत्र मीन राशि में 3:20 डिग्री से 16:40 डिग्री तक फैला हुआ है। इसके देवता अहिर्बुध्न्य (नाग देवता) माने जाते हैं और इसका स्वामी ग्रह शनि है।
यह नक्षत्र कुआं खोदने, भवन की नींव रखने, भूमि खरीदने, पेड़ लगाने, धार्मिक अनुष्ठान, देव स्थापना, मंदिर निर्माण, विवाह, राज्याभिषेक तथा अन्य शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है।
आज का वर्जित समय
आज 11:10 बजे से 12:35 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम जैसे अशुभ समयों में भी सावधानी बरतना उचित रहेगा।
विशेष सलाह:
यदि आप आज कोई नया कार्य प्रारंभ करने की योजना बना रहे हैं तो शुभ मुहूर्त का ध्यान अवश्य रखें और राहुकाल से बचें। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अनुकूल है।










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