चंडीगढ़/22 फरवरी 2026। आज रविवार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि की अधिष्ठात्री देवी ललिता त्रिपुर सुंदरी हैं और यह दिन सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। पंचमी तिथि आज सुबह 11:09 बजे तक रहेगी। आज स्कंद षष्ठी का भी विशेष संयोग है।
पंचांग विवरण
विक्रम संवत: 2082
मास: फाल्गुन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पंचमी (सुबह 11:09 बजे तक)
दिन: रविवार
योग: शुक्ल
नक्षत्र: अश्विनी
करण: बलव
चंद्र राशि: मेष
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय: सुबह 06:54 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:15 बजे
चंद्रोदय: सुबह 09:32 बजे
चंद्रास्त: रात 11:22 बजे
राहुकाल: 16:50 से 18:15 बजे तक
यमगंड: 12:35 से 14:00 बजे तक
पढ़ाई और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ है अश्विनी नक्षत्र
आज चंद्रमा मेष राशि में रहकर अश्विनी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। अश्विनी नक्षत्र ज्योतिषीय गणना में पहला नक्षत्र है, जिसका विस्तार मेष राशि में 0 से 13.2 डिग्री तक माना जाता है। इसके देवता अश्विनी कुमार हैं, जिन्हें देवताओं के वैद्य के रूप में जाना जाता है, जबकि इसका स्वामी ग्रह केतु है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार अश्विनी नक्षत्र में यात्रा आरंभ करना, वाहन खरीदना या बेचना, गहने बनवाना, नई पढ़ाई शुरू करना, व्यापार की शुरुआत, दवाइयों का सेवन, ऋण लेन-देन, धार्मिक गतिविधियां, खेल-कूद, शारीरिक व्यायाम और कला-सज्जा से जुड़े कार्य करना शुभ माना जाता है।
यह नक्षत्र तेज, सक्रिय और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला माना जाता है, इसलिए नए संकल्प लेने के लिए भी दिन अनुकूल है।
राहुकाल में शुभ कार्यों से बचें
आज शाम 16:50 से 18:15 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस अवधि में कोई भी मांगलिक या नया कार्य शुरू करने से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम में भी शुभ कार्य नहीं करने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सही मुहूर्त में किया गया कार्य सफलता और शुभ फल प्रदान करता है, इसलिए पंचांग देखकर ही महत्वपूर्ण निर्णय लेना बेहतर माना जाता है।










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