April 5, 2026 7:27 pm

April 5, 2026 7:27 pm

आफ द रिकार्ड–यशवीर कादियान

जमीं पे चल न सका आसमान से भी गया,
कटा के पर को परिंदा उड़ान से भी गया
कभी कभी बड़े बड़े शहरों में छोटी छोटी चूक हो जाया करती हैं। ये चूक बहुत से गरीबों के लिए परेशानी का सबब बन जाया करती हैं। अब अपने यहां नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक एआई समिट हुआ। देश दुनिया भर के बड़े बड़े लोग इसमें पधारे। बड़ी बड़ी कंपनियों के 100 से ज्यादा सीईओ,20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और 135 देशों के डेलीगेटस ने पधार कर इस समिट को गौरवान्वित किया। लाखों लोगों ने प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर इसमें शिरकत की। इस सबके बीच ऐसा हो गया कि इस समिट के कारण कई गरीब लोगों की रोजी रोटी पर एक सप्ताह से ज्यादा समय के लिए संकट खड़ा हो गया। ये वो लोग थे जो आयोजन स्थल,आयोजन स्थल जाने वाले रास्तों और जिन होटल में ये समिट में जाने वाले प्रमुख लोग रूके हुए थे, उन होटलों के आसपास रेहड़ी फड़ी लगाते थे। छोटा मौटा सामान बेचते थे। सुरक्षा कारणों के अलावा देश की रूमानी और सुहानी तस्वीर विदेशी मेहमानों के सामने पेश करने की चाह में इन गरीबों के खोखे-स्टाल,फड़ी कई दिन तक पुलिस वालों ने बंद करवाए रक्खे। यहां तक की जिनको दिल्ली सरकार ने दुकानें व स्टाल अलाट कर रखे थे उनको भी बंद करवा दिया गया। इस हालात से प्रभावित लोग खून के आंसू रो रहे थे। कह रहे थे अब हम अपने बच्चों का पेट कैसे पालेंगे? हमारा क्या कसूर है? नई दिल्ली में हरियाणा भवन के पास लगी ऐसी ही एक दुकान बंद करवा रहे दिल्ली पुलिस के एएसआई ने कहा कि ये सभी गरीब लोग हैं। हमें भी पता है कि इनका काम रोज कुआं खोदना रोज पानी पीने जैसा है। हर रोज की कमाई से ही इनकी आजीविका चलती है। अब हमारी तो डयूटी है। क्या करें? मजबूरी है। ये खोखे अब कई दिन तक बंद रहेंगे। इनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। सरकार को ऐसा बंदोबस्त जरूर करना चाहिए कि जब भी इस तरह के आयोजन हों इन गरीब लोगों की रोजी रोटी को संकट ना उत्पन्न हो पाए। अगर सरकार को लगता है कि ये दुकानें रहड़ी फड़ी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं तो इनके आस पास कुछ अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती पर विचार करना चाहिए। या कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए,लेकिन जहां तक हो सके इन गरीब लोगों की रोजी रोटी पर संकट लाने से बचना चाहिए। जहां तक सवाल ये है कि अगर सड़क पर फल फ्रूट चाट पकोड़ी का खोमचा लगाने से विदेशों में हमारे भारत की अच्छी तस्वीर नहीं जाती तो हमें इस गलतफहमी से जितना जल्दी उतना जल्दी किनारा कर लेना चाहिए। अब तो एआई,गूगल, सोशल मीडिया, चैट जीपीटी का जमाना है। सबको पता है कि कहां, क्या है? इस एआई समिट में शिरकत करने आए ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दिल्ली की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था-जाम के बारे में सोशल मीडिया पर लिखा है। विदेशी आए दिन हमारे यहां खराब सड़कों,सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी,रेल बसों में भीड़ और सफाई न होने की वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करते रहते हैं। ऐसे में होना तो ये चाहिए कि सरकारें अपने सिस्टम को दुरूस्त करने की तरफ ध्यान दें। हो ये रहा है कि सरकारें मलिन बस्तियों के आसपास अस्थाई टीन-परदे लगवा देती हैं ताकि विदेशियों को हमारे देश की गदंगी से साक्षात्कार न हो पाए। आप गरीबों की यंू दिन दिहाड़े रोजी रोटी पर डाका डालने को कितना वाजिब मानते हैं? गरीबों की इस हालात पर कहा जा सकता है..

हकीकत ये है गर्दिश में सितारा चल रहा है
गुजारी जा रही है,बस गुजारा चल रहा है
मैं काफी देर से कुछ तय नहीं कर पा रहा हंू
ये किश्ती चल रही है या किनारा चल रहा है

अदिति के हुए जतिन
शादियों का मौसम चल रहा है। इस सबके बीच गुरूग्राम के भाजपा नेता अनिल यादव के बेटे जतिन यादव विवाह के बंधन में बंध गए हैं। उनकी शादी राजस्थान कैडर की वर्ष 2024 बैच की आईएएस अधिकारी अदिति यादव से हई है। अदिति का परिवार राजस्थान के बहरोड़ से है और उनका गांव जाखराना हरियाणा की सीमा के करीब ही है। अदित फिलहाल श्रीगंगानगर जिले में एसिस्टेंट कमिशनर अंडर ट्रेनिंग-एसीयूटी के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता ऋषि यादव भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर पद से रिटायर होने के बाद जिला सैनिक बोर्ड, बहरोड़ के मुखिया हैं। अर्थशास्त्र से एमए कर चुकी अदिति ने पहले प्रयास में ही आईएएस में जगह बना ली थी और उनका 194 वां रैंक आया था। उनके पति जतिन यादव नैनीताल के मशूहर बोर्डिग स्कूल शेरवुड से पढे हैं। एमए और एलएलबी कर चुके हैं। जतिन अब अपने पिता के रिएल एस्टेट के व्यवसाय को संभाल रहे हैं। इस लग्न और शादी समारोह में हरियाणा की लगभग सभी प्रमुख सियासी हस्तियों ने शिरकत की। इनमें मुख्यत:केंद्रीय आवास व ऊर्जा मंत्री मनोहरलाल खटटर,केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव,हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुडडा,केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर,केंद्रीय ग्रामीण आवास राज्य मंत्री कमलेश पासवान,भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरूण,प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली,पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़,पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा,मनजिंदर सिंह बिटटा,शाहनवाज हुसैन समेत हरियाणा के कई विधायक व पूर्व मंत्री व आरएसएस के कई सीनियर पदाधिकारी मौजूद थे। विवाह से जुड़ी रस्में गुरूग्राम और दिल्ली में हुई। अदिति यादव के पहले ही प्रयास में आईएएस बनने से देश के युवा उनसे प्रेरणा ले सकते हैं कि अगर अपने लक्ष्य के लिए ईमानदारी और मेहनत से प्रयास किया जाए तो बड़ी से बड़ी भी मंजिल आप के कदमों से दूर नहीं है। जिंदगी खुद संवरने और दूसरों को संवारने का नाम है। इस हालात पर कहा जा सकता है..
आंख में पानी रखो होंठो पर चिंगारी रखो
जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो
राह के पत्थर से बढ कर कुछ नहीं हैं मंजिलें
रास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो

लगे रहो-डटे रहो
एक निजी बैंक आईडीएफसी फर्स्ट ने हरियाणा सरकार को 590 रूपए करोड़ का चूना लगा दिया है। चंडीगढ की सेक्टर 31 की ब्रांच में ये फ्राड हुआ है। बैकिंग नियमों के मुताबिक आरबीआई ने ये मामला संज्ञान में आने के बाद आईबी और ईडी को इस मामले की जांच के लिए कह दिया है। बताते हैं कि हरियाणा सरकार के कई अधिकारियों में इस बैंक पर कृपा बरसाने और बैंक वालों को तृप्त करने की होड़ लगी हुई थी। किसी गरीब आदमी की नमस्ते का जवाब देने की बजाय नजरें चुराने या मुंह फेरने वाले अफसरों ने इन बैंक वालों की क्यों बल्ले बल्ले की और करवाई होगी, इसका ठोस कारण तो हमारे पास उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसी पर बिना बात तोहमत लगाना उचित नहीं। अगर आप के पास इस मसले से जुड़ी जानकारी हो तो जरूर बताएं।

एक नजर इधर भी..सरकार जी
अपने यहां जमीन को सरकारों को बेचने या अधिग्रहण होने में सरकारों में खेल होने के आरोप लगते रहते हैं। जो किसान इस जमीन से मिले मुआवजे या दाम को होशियारी से निवेश नहीं करते, उनके लिए उनका आने वाला जीवन काफी कष्टदायी हो जाता है। ऐसे अनंत उदाहरण है कि सरकार ने किसानों को कई कई करोड़ रूपए का मुआवजा दिया और थोड़े ही दिनों ये किसान ठन ठन गोपाल हो गए। बड़ा मकान बना लिया,महंगी गाड़ियां खरीद ली,ब्याह शादियों में फिजूल खर्ची कर दी और फिर थोड़े दिनों में ही ये किसान कर्जवान हो जाते हैं। अपने हरियाणा में भी नागंल चौधरी में बन रहे लोजिस्टक हब के बारे में भी ये आरोप है कि सरकार के प्रभावशाली लोगों ने औन पौने दामों पर किसानों से जमीन खरीद ली या खरीदवा दी और फिर सरकार को आठ से दस गुणा तक ज्यादा कीमत में बेच दी। अब ये प्रभावित किसान धरना दिए हुए हैं। ऐसे हालात कहीं ओर न हो जाएं,यूं किसानों को सरकार के लोग दिन दिहाड़े चूना ना लगा जाएं इस पर सरकार के कर्णधारों को जरूर मनन करना चाहिए। जब भी ऐसे कार्यक्रम हों सरकार के लोगों को किसानों को कई तरह के विकल्प देने चाहिए। चंूकि ज्यादातर किसानों का आमतौर पर बिजनैस-निवेश से ज्यादा सा वास्ता नहीं होता। ना ही उनको माइंडसैट ऐसा होता है। ना उनकी समझ इतनी विकसित होती है। एक तो ये सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है कि सरकारी योजनाओं की एडवांस में जानकारी का लाभ उठा कर प्रभावशाली लोग किसानों से ठगी ना कर पाएं। सरकारी योजनाओं से प्रभावित होने वाली इन जमीनों की जितनी जल्दी हो सके ऐसी इन जमीनों के खरीदने-बेचने पर रोक लग जाए। दूसरा ये हो कि जब सरकार ये जमीन ले ले और इसके एवज में किसानों को जो पैसा मिले उसको ठीक से निवेश के लिए उनको विकल्प दिए जाएं। उनका एक तरह से ट्रेनिंग-लैक्चर दिए जाएं कि क्या क्या काम करने से उनको भविष्य में फायदा होगा। विधि विशेषज्ञों से भी सरकार के माहिरों को ये मशवरा जरूर करना चाहिए कि इस सारे हालात में किसानों से ज्यादती न हो पाए। ठगी ना हो पाए। अगर इसके लिए कानून में कुछ प्रावधान करने हो तो उस पर भी विचार किया जाए। इस हालात पर कहा जा सकता है..

तुम आओग नुमाइश ए सामान देख कर
क्यों कारोबार छोड़ दू नुकसान देख कर
नखरे उठा रहा हंू तुम्हारी तलाश के
रूकता नहीं हंू रास्ता वीरान देख कर
सोचा नहीं था मैंने कभी तेरे जैसा शख्स
मुंह फेर लेगा मुझ को परेशान देख कर
वो तेरा जलवा वो तेरी बालों की खुशबू
लौटा हंू जैसे कोई गुलिस्तान देख कर
तू लाख बेवफा है मगर सिर उठा के चल
दिल रो पड़ेगा तुझे परेशान देख कर
जो खो गया था फिर से किसी मोड़ पर मिला
हैरान हो गया मुझे हैरान देख कर
जाहिर न हो कि मुझ से तेरा वास्ता भी है
सबकी नजर तुझ पर लगी है मेरा जान जरा संभल कर

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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