चंडीगढ़ : शहर में साल 2026 के अंत में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव नजदीक आते ही सभी प्रमुख दल अपने संगठन को मजबूत करने और जनाधार बढ़ाने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में सोमवार को Aam Aadmi Party (आप) को बड़ा झटका लगा, जब पार्टी की पार्षद प्रेमलता ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम के बाद शहर की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है।
सेक्टर-35 स्थित राजीव गांधी भवन में हुआ कार्यक्रम
सेक्टर-35 स्थित राजीव गांधी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पंचकूला से विधायक Chandermohan ने प्रेमलता को औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर कांग्रेस नेता एचएस लक्की सहित कई वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं ने नए सदस्यों का स्वागत किया और आगामी नगर निगम चुनाव में मजबूती से उतरने का संकल्प दोहराया।
रितु छाबड़ा सहित कई नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ
प्रेमलता के साथ-साथ आप के प्रभारी रहे Pradeep Chhabra की पत्नी रितु छाबड़ा ने भी कांग्रेस जॉइन कर ली। इसके अलावा हरजिंदर सिंह बावा, कुलदीप सिंह कुक्की और येंकी कालिया ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। एक साथ कई नेताओं के पार्टी बदलने से राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है और आने वाले समय में और भी सियासी फेरबदल की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
कांग्रेस ने जताई खुशी
कांग्रेस नेता एचएस लक्की ने कहा कि पिछले कुछ समय से शहर की राजनीति में आम आदमी पार्टी की स्थिति चिंताजनक रही है। उनके अनुसार, कई ऐसे अवसर आए जब शहर के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हमेशा से प्रयास रहा है कि नगर निगम में शहर के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जाए और जनहित में काम किया जाए। प्रेमलता के पार्टी में शामिल होने से संगठन को मजबूती मिलेगी।
‘पार्टी के बदलते रुख’ से नाराज थीं प्रेमलता
कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रेमलता ने कहा कि उन्होंने हमेशा शहरवासियों के हित में काम किया और उनकी समस्याओं को उठाया। लेकिन पिछले कुछ समय से पार्टी के बदलते रुख को लेकर वह असहज महसूस कर रही थीं। इसी कारण उन्होंने स्वयं निर्णय लेकर कांग्रेस के साथ जुड़ने का फैसला किया, ताकि शहर के विकास और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी तरीके से काम कर सकें।
नगर निगम चुनाव से पहले इस तरह के दल-बदल ने साफ कर दिया है कि आने वाले महीनों में चंडीगढ़ की राजनीति और भी दिलचस्प होने वाली है। सभी दल अब अपनी रणनीति को धार देने में जुट गए हैं।











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