June 15, 2026 2:13 pm

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चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई; तटरक्षक बल की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली के आरोप में कैथल के दो आरोपी गिरफ्तार

चंडीगढ़, 24 फरवरी। चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने तटरक्षक बल की ऑनलाइन परीक्षा समेत अन्य सरकारी परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह मामला थाना सेक्टर-34 में एफआईआर संख्या 56 दिनांक 29 मार्च 2022 के तहत धारा 409, 420, 120-बी आईपीसी तथा आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं 43(डी)(जी)(एच)(आई)(जे), 65 और 66 के अंतर्गत दर्ज किया गया था।

वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में चला अभियान
यह कार्रवाई एसपी साइबर, आईपीएस सुश्री गीतांजलि खंडेलवाल के नेतृत्व में, डीएसपी साइबर क्राइम एवं आईटी श्री ए. वेंकटेश के मार्गदर्शन तथा थाना साइबर क्राइम सेक्टर-17 की एसएचओ सुश्री एराम रिजवी की निगरानी में की गई।

गिरफ्तार आरोपी
पवन कुमार पुत्र राम दिया (39 वर्ष), निवासी कैथल, हरियाणा
पवन पुत्र सत्यवान, निवासी कैथल, हरियाणा
ऐसे हुआ खुलासा
ब्रिटिश स्कूल के प्रशासन प्रमुख की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में तटरक्षक परीक्षा और अन्य ऑनलाइन परीक्षाओं के संचालन के दौरान अनियमितताओं की बात कही गई थी। परीक्षा संचालन का कार्य मेसर्स स्टेलर एज सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज, सेक्टर-34/ए, चंडीगढ़ को आउटसोर्स किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने परीक्षा केंद्र और आउटसोर्सिंग एजेंसी से संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और ग्राहक आवेदन प्रपत्र (सीएएफ) के तकनीकी विश्लेषण से संगठित तरीके से की जा रही गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
तफ्तीश में सामने आया कि आरोपी पवन पुत्र सत्यवान ने परीक्षा आयोजित करने के लिए परिसर को ठेके पर लिया था। वहीं, पूछताछ में पवन कुमार पुत्र राम दिया ने स्वीकार किया कि वह अन्य लोगों के साथ मिलकर ऑनलाइन सरकारी परीक्षाओं में धांधली कराने में शामिल था।

आरोप है कि गिरोह भ्रष्ट कंप्यूटर लैब के जरिए उम्मीदवारों को अनुचित साधनों की सुविधा उपलब्ध कराता था और इसके बदले भारी रकम वसूलता था।
मोबाइल फोन जब्त, फोरेंसिक जांच जारी
पुलिस ने आरोपी पवन कुमार के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क में अन्य सहयोगी भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अन्य सहयोगियों की पहचान करने और पुलिस टीम को नेतृत्व देने की बात भी कबूल की है। मामले में आगे की जांच जारी है।
जनता के लिए पुलिस की अपील
किसी भी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा प्रतियोगी परीक्षा में चयन की गारंटी का दावा पूरी तरह अवैध है।
WhatsApp या Telegram पर “निश्चित सीट”, “परीक्षा में सेटिंग” या “पेपर लीक” जैसे संदेश धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों का हिस्सा हो सकते हैं।
ऐसे किसी भी प्रस्ताव की सूचना तुरंत साइबर क्राइम पुलिस को दें।
चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह के गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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