चंडीगढ़, 26 फरवरी 2026 (गुरुवार)। आज फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान शिव के प्रमुख सेनापति वीरभद्र का नियंत्रण माना जाता है। शुभ समारोह, नए भवन का उद्घाटन, दीक्षा ग्रहण और मांगलिक कार्यों के लिए यह दिन अनुकूल माना जा रहा है। खास बात यह है कि आज रवि योग का भी निर्माण हो रहा है, जो कई प्रकार के शुभ कार्यों के लिए लाभकारी संकेत देता है।
📜 26 फरवरी 2026 का विस्तृत पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि : दशमी
दिन : गुरुवार
योग : प्रीति
नक्षत्र : मृगशीर्ष
करण : तैतिल
चंद्र राशि : मिथुन
सूर्य राशि : कुंभ
सूर्योदय : सुबह 06:50 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:18 बजे
चंद्रोदय : दोपहर 12:54 बजे
चंद्रास्त : देर रात 03:46 बजे (27 फरवरी)
राहुकाल : दोपहर 14:00 से 15:26 बजे तक
यमगंड : सुबह 06:50 से 08:16 बजे तक
🌟 शुभ समारोह के लिए अनुकूल है मृगशीर्ष नक्षत्र
आज चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर करते हुए मृगशीर्ष नक्षत्र में स्थित रहेंगे। यह नक्षत्र वृषभ राशि में 23:20 बजे के बाद से मिथुन राशि में प्रातः 6:40 बजे तक प्रभावी रहता है। इस नक्षत्र के देवता चंद्रमा और शासक ग्रह मंगल माने जाते हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मृगशीर्ष नक्षत्र का स्वभाव कोमल और रचनात्मक होता है। यह नक्षत्र विवाह, दीक्षा ग्रहण, यात्रा, भवन निर्माण, नए व्यवसाय की शुरुआत और शुभ समारोहों के लिए अनुकूल माना जाता है।
इसके अलावा:
ललित कलाओं की शुरुआत
नया आर्ट या कौशल सीखना
दोस्ती और प्रेम प्रस्ताव
नए वस्त्र धारण करना
कृषि संबंधी सौदे
जैसे कार्यों के लिए भी यह नक्षत्र शुभ फलदायी माना जाता है।
⛔ आज का वर्जित समय
आज दोपहर 14:00 से 15:26 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस अवधि में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य से बचना उचित रहेगा।
इसी प्रकार यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम के समय में भी महत्वपूर्ण और मांगलिक कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है।
🔔 ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन धार्मिक अनुष्ठान, नए कार्यों की शुरुआत और सामाजिक आयोजनों के लिए अनुकूल संकेत दे रहा है। हालांकि शुभ मुहूर्त का निर्धारण व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर कराना अधिक उपयुक्त रहेगा।











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