August 29, 2026 1:16 am

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27 फरवरी 2026: फाल्गुन शुक्ल एकादशी आज, अमलकी एकादशी पर व्रत और पूजा का विशेष महत्व

चंडीगढ़, 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार)। आज फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि है, जिसे अमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस तिथि के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं। एकादशी व्रत को आत्मसंयम, उपवास, ध्यान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह तिथि विवाह जैसे मांगलिक कार्यों, स्वनियंत्रण से जुड़े संकल्पों और धन प्रदायक गतिविधियों की शुरुआत के लिए अनुकूल मानी जाती है। श्रद्धालु आज भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर व्रत रखेंगे और अमलकी (आंवला) वृक्ष की पूजा का भी विधान है।

27 फरवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि : एकादशी
दिन : शुक्रवार
योग : आयुष्यमान
नक्षत्र : आर्द्रा
करण : वणिज
चंद्र राशि : मिथुन
सूर्य राशि : कुंभ
सूर्योदय : सुबह 06:49 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:19 बजे
चंद्रोदय : दोपहर 02:01 बजे
चंद्रास्त : तड़के 04:38 बजे (28 फरवरी)
राहुकाल : 11:08 से 12:34 बजे
यमगंड : 15:26 से 16:52 बजे
आर्द्रा नक्षत्र में चंद्रमा, यात्रा से बचने की सलाह
आज चंद्रमा मिथुन राशि में आर्द्रा नक्षत्र में स्थित है। आर्द्रा नक्षत्र का विस्तार मिथुन राशि में 6:40 से 20:00 डिग्री तक माना जाता है। इसके अधिष्ठाता देवता रुद्र हैं और स्वामी ग्रह राहु है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह नक्षत्र शत्रु पर विजय, कठिन निर्णय लेने, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति या पुराने कार्यों के समापन के लिए उपयुक्त माना जाता है। हालांकि इस नक्षत्र में यात्रा और खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है।

वर्जित समय का रखें ध्यान
आज 11:08 से 12:34 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य को टालना उचित माना जाता है। इसके अतिरिक्त यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम जैसे अशुभ समय से भी परहेज करना चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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