चंडीगढ़/नई दिल्ली, 1 मार्च 2026 (रविवार): आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो भगवान शिव और कामदेव को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना, विशेषकर शिव आराधना और प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। आज रवि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है, जिसे सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।
ज्योतिषीय दृष्टि से भी आज का दिन अत्यंत शुभ संयोग लेकर आया है। आज रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का निर्माण हो रहा है, जिससे कई प्रकार के मांगलिक कार्यों के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है।
1 मार्च 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: फाल्गुन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: त्रयोदशी
वार: रविवार
योग: शोभन
नक्षत्र: पुष्य
करण: कौलव
चंद्र राशि: कर्क
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय: सुबह 06:47 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:20 बजे
चंद्रोदय: शाम 04:16 बजे
चंद्रास्त: सुबह 06:00 बजे (2 मार्च)
राहुकाल: शाम 04:53 से 06:20 बजे
यमगंड: दोपहर 12:34 से 02:00 बजे
शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ है पुष्य नक्षत्र
आज चंद्रमा कर्क राशि में गोचर कर रहा है और पुष्य नक्षत्र में स्थित है। पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इसके देवता बृहस्पति और स्वामी ग्रह शनि हैं। यह नक्षत्र सुबह 3:20 बजे से लेकर शाम 4:40 बजे तक प्रभावी रहेगा।
इस दौरान उद्योग-धंधा शुरू करना, शिक्षा आरंभ करना, चिकित्सा उपचार, यात्रा, नए सामान की खरीद-फरोख्त, मित्रों से मुलाकात, खेलकूद, कला एवं संगीत सीखना तथा धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियां करना विशेष लाभकारी माना गया है।
इन समयों में टालें शुभ कार्य
आज शाम 4:53 बजे से 6:20 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस अवधि में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् में भी सावधानी बरतना उचित रहेगा।
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन शिव भक्ति, व्रत-उपवास और साधना के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। श्रद्धालु प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा कर विशेष आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।










Total Users : 291128
Total views : 493308