चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का 12वां राज्य बजट पेश करते हुए 2,23,658.17 करोड़ रुपये के कुल बजट का प्रस्ताव रखा। यह बजट वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 2,02,816.66 करोड़ रुपये से 10.28 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट “जनभागीदारी, वित्तीय अनुशासन और समावेशी विकास” पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट पूर्व परामर्श के दौरान प्राप्त सुझावों में से करीब 5000 सुझावों को बजट प्रस्ताव में शामिल किया गया है।
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और वित्तीय स्थिति
राज्य सरकार के कुल राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार वर्ष 2026 से 2031 तक हरियाणा की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 1.361 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 2.66% रहने का अनुमान
वर्ष 2026-27 में इसे घटाकर 2.65% तक सीमित रखने का प्रस्ताव
वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4293.17 करोड़ (GDP का 2.65%)
राजस्व घाटा 0.87%
प्रभावी राजस्व घाटा 0.41%
पूंजीगत व्यय 1.86%
प्रभावी पूंजीगत व्यय 2.32%
वर्ष 2025-26 के लिए 2,05,017 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, जिसमें से 31 मार्च 2026 तक लगभग 2,02,000 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।
विश्व बैंक से बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व बैंक के बोर्ड ने हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट को स्वीकृति दे दी है। वर्ष 2031 तक सभी जिलों में लागू होने वाली इस परियोजना के लिए 2716 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी।
इसके अलावा:
अक्टूबर 2026 तक Water Secure Haryana परियोजना के लिए 5715 करोड़ रुपये
हरियाणा AI मिशन के लिए 474 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने की उम्मीद
ग्राम सभाएं, पैक्स और सहकारी समितियों को मजबूती
मुख्यमंत्री ने राज्य की तीन प्रमुख ग्रामीण संस्थाओं — ग्राम सभाएं, प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) और श्रम एवं निर्माण सहकारी समितियों — को सशक्त करने का ऐलान किया।
वर्ष 2026-27 से ग्राम सभा की प्रत्येक बैठक में 6 नए विकास कार्यों पर चर्चा अनिवार्य
कम से कम 300 घाटे में चल रही PACS को लाभ में लाने का लक्ष्य
श्रम एवं निर्माण सहकारी समितियों को 4000 करोड़ रुपये के सरकारी कार्य आवंटित करने का प्रस्ताव
औद्योगिक निवेश और “सक्षम” फंड
ब्लॉक आधारित लोकेशन वर्गीकरण व्यवस्था समाप्त कर सभी ब्लॉकों में समान औद्योगिक प्रोत्साहन देने की नई नीति लागू की जाएगी।
500 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि से “सक्षम” विशेष फंड की स्थापना
न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणाएं
भिवानी, रोहतक, गुरुग्राम सहित अन्य जिलों में 1,40,000 एकड़ भूमि को खेती योग्य बनाने का प्रस्ताव
धान छोड़कर दालें, तिलहन और कपास उगाने वाले किसानों को 2000 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस
गन्ना प्रौद्योगिकी मिशन के तहत प्रोत्साहन राशि 3000 से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति एकड़
ग्रामीण उत्पादों की सीधी बिक्री के लिए ग्रामीण हाट मंडियों की स्थापना
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में मुआवजा 40,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति एकड़
हिसार में 30 करोड़ रुपये की लागत से हरियाणा पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र स्थापित किया जाएगा।
साथ ही 2000 नए विटा बूथ और मिल्क बार खोलने का प्रस्ताव है।
विभागवार बजट बढ़ोतरी
सिंचाई एवं पेयजल
सिंचाई विभाग: 5614.06 करोड़ से बढ़ाकर 6446.57 करोड़
पब्लिक हेल्थ: 5469.22 करोड़ से बढ़ाकर 5912.02 करोड़
शिक्षा
मौलिक शिक्षा: 10,855.48 करोड़
माध्यमिक शिक्षा: 7862.41 करोड़
उच्च शिक्षा: 4197.38 करोड़
स्वास्थ्य
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष, चिकित्सा शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और ESI योजनाओं के लिए 14,007.29 करोड़ का प्रावधान, जो पिछले वर्ष से 32.89% अधिक है।
खेल और उद्योग
खेल, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता: 2200.63 करोड़
उद्योग एवं वाणिज्य: 1950.92 करोड़
ऊर्जा विभाग: 6868 करोड़
लोक निर्माण विभाग: 5893.66 करोड़
ग्रामीण व शहरी विकास
पंचायती राज व ग्रामीण विकास: 8703.75 करोड़
शहरी स्थानीय निकाय: 6240.97 करोड़
नगर एवं ग्राम नियोजन: 556.61 करोड़
सभी के लिए आवास: 2424.39 करोड़
अन्य विभाग
गृह विभाग: 8475.01 करोड़
राजस्व लक्ष्य: 19,500 करोड़ (17.8% अधिक)
महिला एवं बाल विकास: 2263.29 करोड़
सूचना एवं जनसंपर्क: 439.71 करोड़
कला एवं संस्कृति: 132 करोड़
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण: 178.14 करोड़
नागरिक संसाधन सूचना विभाग: 422.78 करोड़
कर्मचारी व पेंशनभोगियों के लिए राहत
कर्मचारियों और पेंशनधारियों के आश्रितों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आय की वर्तमान सीमा 3500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव रखा गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट को “आत्मनिर्भर, पर्यावरण-सुरक्षित और संतुलित विकास” का रोडमैप बताया। बजट में कृषि विविधीकरण, औद्योगिक निवेश, ग्रामीण सशक्तिकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य विस्तार और वित्तीय अनुशासन पर विशेष फोकस देखने को मिला।
यह बजट आगामी वर्षों में हरियाणा की आर्थिक संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक व्यापक और संतुलित प्रयास माना जा रहा है।











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