“उधार की सरकार, कर्जे की बेतहाशा मार” – भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
चंडीगढ़, 3 मार्च 2026। रणदीप सिंह सुरजेवाला, सांसद एवं महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने हरियाणा की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर बजट 2026-27 को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे “झांसा बजट” करार देते हुए कहा कि यह बजट कर्ज, कटौती और छलावे का दस्तावेज है।
1. “उधार की सरकार – कर्जे की बेतहाशा मार”
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में हरियाणा का कर्ज 456% बढ़ा है।
2014-15 में प्रदेश पर कुल कर्ज ₹70,925 करोड़ था।
2026-27 में यह बढ़कर ₹3,94,551 करोड़ हो जाएगा।
यानी ₹3,23,626 करोड़ की वृद्धि।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रतिदिन औसतन ₹74 करोड़ कर्ज ले रही है। हर नागरिक पर करीब ₹1,40,911 का कर्ज हो चुका है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार नए कर्ज से पुराना कर्ज चुकाकर “शुद्ध कर्ज” का भ्रम फैलाती है।
सुरजेवाला ने यह भी कहा कि बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के जरिए सरकार वास्तविक खर्च को कम दिखाकर 100% बजट खर्च करने का दावा करती है।
नीति आयोग के ‘Fiscal Health Index’ में हरियाणा को 18 राज्यों में 14वें स्थान पर बताया गया है।
2. पेंशन योजनाओं में भारी कटौती का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भारी कटौती की गई है:
बुजुर्ग सम्मान पेंशन: ₹6,700 करोड़ (2025-26) से घटाकर ₹3,970 करोड़।
विधवा व बेसहारा महिला पेंशन: ₹2,960 करोड़ से घटाकर ₹2,275 करोड़।
दिव्यांग पेंशन: ₹651 करोड़ से घटाकर ₹515 करोड़।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना: ₹1.50 करोड़ से घटाकर ₹20 लाख।
मुख्यमंत्री मातृत्व योजना: ₹30 करोड़ से घटाकर ₹20 करोड़।
सुरजेवाला ने इसे “निर्दयी कटौती” बताया।
3. लाडो-लक्ष्मी योजना पर सवाल
उन्होंने कहा कि 2024 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने हर महिला को ₹2100 मासिक देने का वादा किया था।
2025-26 में ₹5,000 करोड़ की घोषणा हुई, पर केवल ₹728 करोड़ खर्च हुए।
2026-27 में ₹6,500 करोड़ की घोषणा की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 95 लाख महिलाओं में से केवल 9% को ही लाभ मिला। साथ ही, हर महीने जीवित होने का प्रमाण और अन्य शर्तों को योजना से बाहर करने की साजिश बताया।
4. BPL कार्ड कटौती का मुद्दा
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले BPL कार्ड बढ़ाकर 51.72 लाख कर दिए गए, लेकिन अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 12 लाख से अधिक कार्ड काट दिए गए। बजट में इन्हें बहाल करने का प्रावधान नहीं है।
5. बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
उन्होंने कहा कि
CMIE के अनुसार हरियाणा में बेरोजगारी दर 37% है।
PLFS के मुताबिक 15.4% है।
2 लाख सरकारी पद खाली हैं।
HKRN पोर्टल पर 14.63 लाख युवाओं के पंजीकरण में से 92% को नौकरी नहीं मिली।
6. शिक्षा क्षेत्र की बदहाली का आरोप
सुरजेवाला ने कहा कि शिक्षा पर खर्च का हिस्सा 21.77% (2013-14) से घटकर 10.80% रह गया है।
916 में से 823 प्रिंसिपल पद खाली।
30,000 शिक्षक पद खाली।
सरकारी कॉलेजों में 60% असिस्टेंट प्रोफेसर पद रिक्त।
कुरुक्षेत्र, भिवानी, सिरसा और जींद की विश्वविद्यालयों में 50-69% तक टीचिंग पद खाली।
7. कपास किसानों के साथ धोखे का आरोप
उन्होंने कहा कि देसी कपास पर ₹4,000 प्रति एकड़ सहायता की घोषणा की गई, जबकि MSP ₹6,100 प्रति क्विंटल घोषित होने के बावजूद किसानों को ₹4,500-5,000 प्रति क्विंटल ही मिले।
‘हरियाणा फसल सुरक्षा योजना’ के बजट में भारी कटौती का आरोप लगाते हुए कहा कि 2024-25 में ₹1,365 करोड़ से घटाकर 2026-27 में ₹1 करोड़ कर दिया गया।
“झांसा बजट” करार
सुरजेवाला ने कहा कि कुल मिलाकर बजट 2026-27 “जुमलों की कहानियां और भाषणों की दुकान” है, जिसमें विकास का कोई ठोस रोडमैप नहीं है।
उन्होंने मांग की कि सरकार सामाजिक सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा और किसानों के हितों को प्राथमिकता दे और बजट में पारदर्शिता लाए।











Total Users : 290981
Total views : 493098