वॉशिंगटन: Donald J. Trump ने वेनेज़ुएला और ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने अपने पहले कार्यकाल में सेना का पुनर्निर्माण किया और अब वह पहले से अधिक सक्रिय और मजबूत स्थिति में है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और सुरक्षा के मोर्चे पर बढ़त बनाए हुए है।
पहले कार्यकाल में सेना को किया मजबूत
ट्रंप ने कहा, “हमने पहले टर्म में अपनी मिलिट्री को फिर से बनाया, और हम इसका इस्तेमाल उससे थोड़ा ज़्यादा कर रहे हैं जितना मैंने सोचा था।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी और शक्तिशाली सेना है और वर्तमान हालात में वह पूरी तरह तैयार है।
वेनेज़ुएला के साथ तेल सहयोग पर जोर
ट्रंप ने Venezuela के साथ संबंधों को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच तेल उत्पादन को लेकर बेहतर तालमेल बना है।
उन्होंने कहा, “हम करोड़ों बैरल तेल निकाल रहे हैं, और यह हमारे और वेनेज़ुएला के फ़ायदे में है। राष्ट्रपति और अलग-अलग प्रतिनिधियों के साथ हमारे बहुत अच्छे रिश्ते हैं।”
ट्रंप ने दावा किया कि इस सहयोग से न केवल अमेरिका को ऊर्जा के क्षेत्र में लाभ होगा, बल्कि वेनेज़ुएला के लोगों की जिंदगी भी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि वहां की जनता पहले बेहद खराब हालात से गुज़री है, लेकिन अब परिस्थितियां सुधरेंगी।
ईरान पर कड़ा रुख, ओबामा डील पर निशाना
ईरान को लेकर ट्रंप ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “हम जंग के मोर्चे पर बहुत अच्छा कर रहे हैं… 47 सालों से वे हमारे लोगों को मार रहे हैं।”
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama के कार्यकाल में हुए परमाणु समझौते की आलोचना करते हुए कहा कि वह “अब तक की सबसे खराब डील” थी।
उनका इशारा 2015 के Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) की ओर था। ट्रंप ने आरोप लगाया कि इस समझौते ने ईरान को परमाणु हथियारों की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता दिया, जिसे उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में समाप्त कर दिया था।
मिसाइल कार्यक्रम पर दावा
ट्रंप ने कहा कि ईरान की मिसाइलें और उनके लॉन्चर तेजी से खत्म हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जब पागल लोगों के पास परमाणु हथियार होते हैं, तो बुरी चीजें होती हैं।”
उन्होंने दावा किया कि मौजूदा समय में अमेरिका मजबूत स्थिति में है और आगे भी इसी तरह सख्ती जारी रखेगा।
वैश्विक राजनीति पर संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इन बयानों से संकेत मिलता है कि अमेरिका की विदेश नीति ऊर्जा और सुरक्षा के मुद्दों पर अधिक आक्रामक हो सकती है। वेनेज़ुएला के साथ तेल सहयोग और ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक तेल बाजार पर असर डाल सकता है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी हुई है, लेकिन इतना तय है कि ट्रंप के इन बयानों ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।











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