माँ का आँचल
रंगों में भीगा नन्हा सा चेहरा,
मुस्कान में छुपा है सारा सवेरा।
माँ की बाहों में दुनिया सारी,
प्यारी सी ये होली हमारी।
गालों पर गुलाल सजा है,
आँखों में इंद्रधनुष रचा है।
नन्हे हाथों की गर्माहट में,
सपनों का मौसम बसा है।
माँ का आँचल लाल सुहाना,
जैसे प्रेम का रंग पुराना।
बेटा चिपका सीने से ऐसे,
जैसे चाँद मिला हो ठिकाना।
हँसी की पिचकारी छू जाए,
मन का हर डर दूर भगाए।
रंगों से लिखी ये कहानी,
ममता को और गहरा जाए।
नन्हा मन और माँ की माया,
सबसे सुंदर जग की छाया।
होली आई, खुशियाँ लाई—
प्यार ही सबसे बड़ा रंग बताया।
– डॉ. प्रियंका सौरभ











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