April 5, 2026 12:40 pm

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GURUGRAM: ₹755 करोड़ की लागत से बनेगा 4.2 किमी लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर, जीएमडीए ने जारी किया टेंडर

चंडीगढ़। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने गुरुग्राम में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने वाटिका चौक से एनएच‑48 तक सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए लगभग ₹755 करोड़ की लागत से टेंडर जारी किया है।
इस परियोजना के तहत करीब 4.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिससे शहर के महत्वपूर्ण मार्गों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा। यह कॉरिडोर विशेष रूप से द्वारका एक्सप्रेसवे, एनएच-48 और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच तेज और निर्बाध संपर्क उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।
सिग्नल-फ्री बनेगा पूरा कॉरिडोर
परियोजना के तहत वाटिका चौक से एनएच-48 के बीच एसपीआर को सिग्नल-फ्री कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। एलिवेटेड संरचना के कारण जमीनी स्तर पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहनों के लिए एक अतिरिक्त लेयर उपलब्ध होगी। इससे विशेषकर पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और यात्रा समय भी घटेगा।
4+4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर
प्रस्तावित परियोजना में
4+4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा।
इसके साथ 3+3 लेन की मुख्य सर्विस रोड और
2+2 लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा प्रमुख जंक्शनों पर ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए दो-लेन के अप और डाउन रैंप बनाए जाएंगे, जिससे वाहनों का प्रवेश और निकास आसान हो सके। एनएच-48 पर एक इंटरचेंज का भी निर्माण किया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।
दूसरे चरण में वाटिका चौक पर बनेगा इंटरचेंज
परियोजना के फेज-II में वाटिका चौक पर एक इंटरचेंज बनाने की योजना है, जिससे गुरुग्राम‑सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर और एसपीआर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इससे दक्षिण गुरुग्राम और सोहना क्षेत्र की आवाजाही भी अधिक सुगम हो जाएगी।
तेजी से विकसित हो रहा है एसपीआर कॉरिडोर
सदर्न पेरिफेरल रोड पिछले कुछ वर्षों में गुरुग्राम का एक प्रमुख पूर्व-पश्चिम यातायात मार्ग बनकर उभरी है। इस मार्ग के आसपास कई नए आवासीय और वाणिज्यिक प्रोजेक्ट तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिसके कारण ट्रैफिक का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक सड़क अवसंरचना और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
जीएमडीए सीईओ का बयान
पी.सी. मीणा ने कहा कि गुरुग्राम में तेज़ी से शहरी विस्तार हो रहा है और शहर की बढ़ती आवाजाही जरूरतों को पूरा करने के लिए उच्च क्षमता वाली सड़क अवसंरचना का विकास जरूरी है। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर से आसपास के कई सेक्टरों के निवासियों, कार्यालयों और व्यवसायिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
यात्रियों को मिलेगा सीधा वैकल्पिक मार्ग
वर्तमान में द्वारका एक्सप्रेसवे या दक्षिण गुरुग्राम/जयपुर की ओर से सोहना या फरीदाबाद जाने वाले यात्रियों को अक्सर शहर के भीतरी मार्गों से होकर राजीव चौक या सुभाष चौक जैसे व्यस्त जंक्शनों से गुजरना पड़ता है।
नई परियोजना के बाद यात्रियों को एक सीधा और तेज वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे इन व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक दबाव कम होगा और शहर का यातायात अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
30 महीनों में पूरा होगा प्रोजेक्ट
जीएमडीए के अनुसार इस परियोजना को कार्य आवंटन की तिथि से 30 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद गुरुग्राम के सड़क नेटवर्क को बड़ी मजबूती मिलेगी और शहर में आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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