चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की घोषणा पर विपक्ष की निराशा यह दर्शाती है कि उन्हें 2027 में पंजाब में फिर से आम आदमी पार्टी की सरकार बनने का डर है। उन्होंने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने हमेशा चुनावी वादे किए लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया, जबकि ‘आप’ सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में लगभग सभी गारंटियों को लागू किया है।
‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ से महिलाओं को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत
18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये
अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह
दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए 13 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए 1000–1500 रुपये भी बड़ी राहत साबित होंगे और इससे महिलाओं को आर्थिक सम्मान मिलेगा।
महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। इनमें
मुफ्त बिजली
सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा
मुफ्त इलाज की सुविधा
10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य बीमा योजना
शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से पंजाब की महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं।
राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।
इन क्लीनिकों में अब तक 5 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज की जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा और इसके लिए 900 सरकारी और निजी अस्पताल सूचीबद्ध किए गए हैं।
इसके अलावा लहरागागा, संगरूर, मलेरकोटला, होशियारपुर और कपूरथला में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक सरकारी अस्पतालों में 934 डॉक्टरों की भर्ती की गई है।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं। शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए उन्हें फिनलैंड, सिंगापुर और IIM Ahmedabad में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 2022 से अब तक 13,765 शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है और नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में पंजाब ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।
रोजगार और उद्योग निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार देने की पारदर्शी नीति अपनाई है।
अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि इससे सरकारी नौकरियों में रिश्वतखोरी और सिफारिश का दौर खत्म हुआ है।
उन्होंने बताया कि Tata Steel का 3200 करोड़ रुपये का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लुधियाना में स्थापित किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन 20 मार्च को होगा और इससे लगभग 4000 युवाओं को रोजगार मिलेगा।
साथ ही 13 से 15 मार्च तक मोहाली में पंजाब प्रोग्रेसिव इन्वेस्टमेंट सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के उद्योगपति भाग लेंगे।
किसानों और ग्रामीण विकास के लिए कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में किसानों को कई राहतें दी गई हैं।
गन्ने का भाव बढ़ाकर 416 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
खेतों के लिए दिन में बिजली की सुविधा शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि मालवा क्षेत्र की महत्वपूर्ण फिरोजपुर फीडर नहर का नवीनीकरण किया गया है और आजादी के बाद पहली बार नई मालवा नहर बनाई जा रही है।
बिजली और आधारभूत ढांचे पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। हाल ही में बिजली दरों में 70 पैसे से 1.50 रुपये प्रति यूनिट तक कमी की गई है।
‘रौशन पंजाब’ योजना के तहत करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च कर बिजली ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जिसमें अंडरग्राउंड केबलिंग भी शामिल है।
सड़कें, टोल और अन्य राहत
सरकार ने राज्य में 44,920 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण की योजना शुरू की है, जिस पर 16,209 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 19 टोल प्लाजा बंद किए गए, जिससे लोगों को रोजाना करीब 64 लाख रुपये की बचत हो रही है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसके लिए 95012-00200 एंटी-करप्शन हेल्पलाइन शुरू की गई है और अब तक 1000 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का नाम लेते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब के विकास की बजाय अपने हितों को प्राथमिकता दी।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी आंतरिक कलह से जूझ रही है और 2027 के चुनाव में उसे भारी हार का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उसी समर्पण के साथ काम करती रहेगी ताकि पंजाब को शहीदों के सपनों का विकसित और समृद्ध राज्य बनाया जा सके।










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