नई दिल्ली, 10 मार्च: सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने लोकसभा में जोरदार ढंग से सिरसा और फतेहाबाद जैसे शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिलों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) स्थापित करने की मांग की।
सांसद सैलजा ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या देश में नए आईआईटी स्थापित करने का प्रस्ताव है और क्या शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े जिलों जैसे सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद में इन संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इन जिलों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, इसलिए यहां आईआईटी स्थापित करना क्षेत्र के विकास और युवाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बताया कि वर्तमान में देश में 23 आईआईटी संचालित हो रहे हैं। हरियाणा में पहले से ही राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, सोनीपत, और हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान मौजूद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आईआईटी दिल्ली का एक विस्तार परिसर हरियाणा के सोनीपत में राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में स्थापित है, जो उन्नत शोध, नवाचार और उद्योग सहयोग का केंद्र है।
सैलजा ने सरकार द्वारा इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब न देने पर आपत्ति जताई और जोर देकर कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े जिलों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि सिरसा और फतेहाबाद में आईआईटी स्थापित होने से न केवल विद्यार्थियों को उच्च तकनीकी शिक्षा के अवसर मिलेंगे, बल्कि पूरे क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी।
यह कदम प्रदेश के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खोलने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकता है।











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