303 अनधिकृत ट्रांजेक्शन से खुला बड़ा वित्तीय घोटाला, नगर निगम व स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े मामलों की भी जांच तेज; कई अधिकारी जांच के दायरे में
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन कार्यरत Chandigarh Renewable Energy and Science & Technology Promotion Society (CREST) के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में करीब 75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि में अनियमितता पाई गई है। इस मामले में IDFC First Bank के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम और बैंकिंग हलकों में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियां अब इस मामले के तार सरकारी फंड के निवेश, नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से जोड़कर भी देख रही हैं।
आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज हुआ मामला
मामले में 12 मार्च 2026 को सेक्टर-17 स्थित आर्थिक अपराध शाखा (EOPS) में एफआईआर दर्ज की गई। यह शिकायत CREST के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की ओर से दर्ज करवाई है।
एफआईआर में अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि सहित अन्य कर्मचारियों (आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, सेक्टर-32 शाखा) को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 316(5), 318(4), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
303 अनधिकृत ट्रांजेक्शन से खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब CREST के खातों का मिलान बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए मूल बैंक स्टेटमेंट से किया गया।
रिकॉर्ड के मिलान के दौरान कुल 303 अनधिकृत निकासी और जमा (Unauthorized Withdrawals and Deposits) सामने आए। जांच में पाया गया कि इन ट्रांजेक्शन के कारण 75,16,04,293 रुपये की मूल राशि में कमी (Shortfall) आ गई।
इस खुलासे के बाद प्रशासन ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और मामले की आपराधिक जांच शुरू कर दी गई।
अन्य बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन संदिग्ध ट्रांजेक्शन के पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सूत्रों के अनुसार बैंक के अन्य अधिकारियों की संभावित संलिप्तता भी जांच के दायरे में लाई गई है। जांच टीम बैंक के डिजिटल रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन लॉग, अनुमोदन प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि इन ट्रांजेक्शन को किस स्तर पर अनुमति दी गई और निगरानी प्रणाली में कहां चूक हुई।
नगर निगम और स्मार्ट सिटी फंड से भी जुड़े सवाल
इस घोटाले के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने चंडीगढ़ के अन्य वित्तीय लेन-देन पर भी नजर डालनी शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार कुछ मामलों में सरकारी संस्थाओं के करोड़ों रुपये निजी बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा किए जाने को लेकर भी सवाल उठे हैं।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या CREST खातों में सामने आई अनियमितता का संबंध चंडीगढ़ नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के वित्तीय लेन-देन से भी जुड़ता है या नहीं।
लापरवाही या मिलीभगत?
जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि यह मामला सिर्फ बैंकिंग प्रणाली की लापरवाही का परिणाम है या फिर इसमें किसी स्तर पर मिलीभगत भी शामिल रही।
प्रारंभिक जांच में कई वित्तीय प्रक्रियाओं और फाइल मूवमेंट में अनियमितता के संकेत मिले हैं। इसी वजह से कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने कब्जे में लिया रिकॉर्ड
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और खातों की जानकारी अपने कब्जे में ले ली है।
इन दस्तावेजों के आधार पर सभी 303 ट्रांजेक्शन की अलग-अलग जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसा किन खातों में ट्रांसफर हुआ और उसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
प्रशासनिक हलकों में हड़कंप
इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन और विभिन्न सरकारी विभागों में हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार मामला अब उच्च प्रशासनिक स्तर तक पहुंच चुका है और इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
क्या है CREST
CREST चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन कार्यरत एक प्रमुख संस्था है, जो शहर में नवीकरणीय ऊर्जा, सोलर पावर परियोजनाओं और विज्ञान व तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती है।
यह संस्था केंद्र और प्रशासन की विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये के बजट और परियोजनाओं का संचालन करती है।
इसी वजह से इसके खातों में सामने आई इतनी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी को प्रशासन बेहद गंभीरता से ले रहा है।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।











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