कैथल। जिला कैथल के आरोही स्कूल ग्योंग में कार्यरत हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जिले का नाम रोशन किया है। डॉ. चावला ने DIKSHA Portal पर आयोजित “शिक्षा के क्षेत्र में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” कोर्स में देशभर में सातवाँ रैंक प्राप्त किया है।
डॉ. विजय चावला ने बताया कि यह कोर्स National Council of Educational Research and Training (एनसीईआरटी) के अंतर्गत केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा Google for Education के सहयोग से तैयार किया गया था। लगभग छह घंटे के इस विशेष कोर्स में शिक्षा में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई।
कोर्स के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तरी में डॉ. चावला ने 20 में से 20 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और पूरे देश में सातवाँ स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि से न केवल उनके विद्यालय बल्कि पूरे कैथल जिले का गौरव बढ़ा है।
डॉ. चावला ने बताया कि आज के समय में शिक्षा केवल किताबों और पारंपरिक कक्षाओं तक सीमित नहीं रही। तकनीकी विकास ने शिक्षण और सीखने के तरीकों में बड़ा बदलाव ला दिया है। विशेष रूप से Artificial Intelligence और Robotics जैसी तकनीकें शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थी केवल आधुनिक तकनीक ही नहीं सीखते, बल्कि समस्या समाधान, टीमवर्क और नवाचार जैसे महत्वपूर्ण कौशल भी विकसित करते हैं। शिक्षा में इनका सही उपयोग भविष्य की स्मार्ट, व्यक्तिगत और प्रभावशाली शिक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा।
डॉ. चावला के अनुसार भाषा शिक्षण में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स पारंपरिक सीमाओं को तोड़ रहे हैं। इन तकनीकों से सीखने की प्रक्रिया अधिक इंटरैक्टिव और प्रभावी बनती है, जिससे विद्यार्थियों को उच्चारण, व्याकरण, संवाद और रचनात्मक लेखन कौशल में सुधार करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि वे अपने विद्यार्थियों के आकलन और भाषा शिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इंटरैक्टिव रूप से सफल प्रयोग भी कर चुके हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ भाषा सीखना पहले से अधिक आसान, रोचक और प्रभावशाली होगा।










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