चंडीगढ़: वरिष्ठ भाजपा नेता एवं उद्योग व्यापार मंडल चंडीगढ़ (UVM) के अध्यक्ष कैलाश जैन ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा हाउसिंग बोर्ड के मकानों में Need Based Changes को लेकर 11 सदस्यीय कमेटी गठित करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे जनहित में दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि इससे हजारों परिवारों को वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता और मानसिक तनाव से राहत मिलेगी।
कैलाश जैन ने इस निर्णय के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का आभार जताते हुए कहा कि हाउसिंग बोर्ड के अलावा शहर के अन्य कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल क्षेत्रों तथा सोसायटियों में भी बड़ी संख्या में ऐसे मामले हैं, जहां किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं है और भवन की स्वीकृत सीमा (Within Boundary Line) के भीतर ही आवश्यकता अनुसार आंतरिक बदलाव किए गए हैं। इसके बावजूद इन्हें बिल्डिंग वॉयलेशन मानकर नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जो व्यावहारिक नहीं है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ परिवारों की संरचना, सुरक्षा आवश्यकताएं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की सुविधाएं, अग्नि सुरक्षा, वेंटिलेशन और स्वच्छता से जुड़ी जरूरतें बदल चुकी हैं। ऐसे में यदि किए गए बदलाव सार्वजनिक भूमि या पड़ोसी अधिकारों का उल्लंघन नहीं करते, तो उन्हें अवैध ठहराना न्यायसंगत नहीं है। साथ ही दशकों पुराने बिल्डिंग बायलॉज आज की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं रहे हैं, जिनमें संशोधन और युक्तिसंगत लचीलापन जरूरी है।
कैलाश जैन ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में चंडीगढ़ प्रशासन एवं माननीय प्रशासक को पत्र लिखकर मांग की है कि हाउसिंग बोर्ड की तर्ज पर शहर के अन्य सभी क्षेत्रों के लिए भी एकमुश्त राहत देने हेतु Amnesty Scheme लाई जाए। इसके लिए एक विशेष उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जाए, जो Within Boundary Line किए गए नीड बेस्ड इंटरनल बदलावों, सुरक्षा और सुविधा से जुड़े संशोधनों तथा पुराने बायलॉज की समीक्षा कर रेगुलराइजेशन की सरल व्यवस्था सुझाए।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से नागरिकों, व्यापारियों और उद्यमियों को बड़ी राहत मिलेगी, अनावश्यक विवाद और मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा चंडीगढ़ को Ease of Living और Ease of Doing Business की दिशा में और मजबूती मिलेगी।











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