कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी; प्रदेश में आपूर्ति पूरी तरह सामान्य
चंडीगढ़, 28 मार्च: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद राज्य में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य एशिया में बने हालातों को लेकर कुछ लोग आवश्यक वस्तुओं की कमी का भ्रम फैला रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कालाबाजारी या जमाखोरी में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, अतिरिक्त निदेशक वर्षा खांगवाल और मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती से आम जनता को राहत मिलेगी और कीमतें स्थिर बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय हालातों पर नजर बनाए हुए है और भारतीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। वर्तमान में हरियाणा में 4032 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां प्रतिदिन औसतन 4804 किलोलीटर पेट्रोल और 12,003 किलोलीटर डीजल की बिक्री हो रही है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा टर्मिनल संचालन बढ़ाया गया है, डिस्पैच तेज किए गए हैं और सुबह के समय सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
रसोई गैस की स्थिति पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 2 लाख एलपीजी सिलेंडर प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें से करीब 1.90 लाख सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। शहरों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के स्टॉक नियम का पालन किया जा रहा है। अस्पतालों, स्कूलों और अन्य जरूरी संस्थानों में गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.73 लाख कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही, घरेलू गैस उत्पादन को बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
कालाबाजारी पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 मार्च तक 928 एलपीजी सिलेंडर और 4 वाहन जब्त किए गए हैं। 66 आरोपियों की पहचान की गई है और 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्णय बताते हुए कहा कि पाइपलाइन बिछाने पर लगने वाला लीज रेंट 3 लाख रुपये प्रति किलोमीटर से घटाकर 1 हजार रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। इससे गैस कंपनियों को राहत मिलेगी और आम लोगों तक गैस पहुंचाने में तेजी आएगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में 28,377 किलोमीटर लंबी पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है। राज्य में 13.33 लाख पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य है, जिनमें से 5.59 लाख कनेक्शन लगाए जा चुके हैं और 3.32 लाख चालू हो चुके हैं। शेष कनेक्शनों को जल्द सक्रिय करने की प्रक्रिया जारी है।
सीएनजी नेटवर्क की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 586 सीएनजी स्टेशन कार्यरत हैं और विभिन्न जिलों में पाइपलाइन विस्तार तेजी से चल रहा है। इसके अलावा प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कई प्रमुख पाइपलाइन परियोजनाएं भी सुचारू रूप से संचालित हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हालातों की निगरानी के लिए प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में और जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में वॉर रूम स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों से अपील की कि वे जनता को भ्रमित करने के बजाय इस संवेदनशील समय में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आपदा के समय राजनीति करना उचित नहीं है और जनता को सही जानकारी देना सभी की जिम्मेदारी है।












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